बातों ही बातों में उसकी
एक बात निकल जाती है
खबर नहीं कि कब उसकी
याद में रात निकल जाती है
मेरी मोहब्बत कहने से पहले
उसकी औकात निकल जाती है
बातों ही बातों में उसकी
एक बात निकल जाती है
खबर नहीं कि कब उसकी
याद में रात निकल जाती है
मेरी मोहब्बत कहने से पहले
उसकी औकात निकल जाती है
Woh bhi nadaan aur ham bhi naadan the
woh kisi aur ke khyaalo me madhosh ham unke liye pareshaan the
ਵੋਹ ਵੀ ਨਾਦਾਨ ਔਰ ਹਮ ਵੀ ਨਾਦਾਨ ਥੇ,,
ਵੋਹ ਕਿਸੀ ਔਰ ਕੇ ਖ਼ਿਆਲੋਂ ਮੇ ਮਦਹੋਸ਼ ਹਮ ਉਨਕੇ ਲਿਏ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਥੇ।
Haqeeqat kaho to unhe khuab lagta hai
Shikwa karo to unhe mazak lagta hai
Kitni shiddat se hum unhe yaad karte hain
Ek vo hain jinhe sabkuch mazak lagta hai…🫠
हकीकत कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
कितनी शिद्दत से हम उन्हें याद करतें हैं,
एक वो हैं जिन्हें ये सबकुछ मजाक लगता है…🫠