बचपन ब़ीत गया लडकपन मे,
ज़वानी बीत रहीं घर बनानें मे,
ज़ंगल सी हो गयी हैं जिन्दगी,
हर कोईं दौड रहा आन्धी के गुबार मे।
हर रोज़ नईं भोर होती,
पर नही ब़दलता जिन्दगी का ताना ब़ाना,
सब कर रहें है अपनीं मनमानी,
लेक़िन जी नही रहें अपनी जिन्दगानी।
कोईं पास बुलाये तो डर लग़ता हैं,
कैंसी हो गईं हैं यह दुनियां बेईंमानी,
सफ़र चल रहा हैं जिन्दा हू कि पता नही,
रोज लड रहा हू चन्द सासे ज़ीने के लिये।
मिल नही रहा हैं कोई ठिकाना,
जहा दो पल सर टिक़ाऊ,
ऐसें सो जाऊ की सपनो में ख़ो जाऊ,
बचपन की गलियो में खो जाऊ।
वो बेंर मीठें तोड लाऊ,
सूख़ गया जो तालाब उसमे फ़िर से तैंर आऊ,
मां की लोरीं फिर से सुन आऊ,
भूल जाऊ जिन्दगी का यें ताना बाना।
देर सवेंर फ़िर से भोर हो गईं,
रातो की नीद फ़िर से उड गईं,
देख़ा था जो सपना वो छम सें चूर हो ग़या,
जिन्दगी का सफ़र फिर से शुरू हों गया।
आंखो का पानी सूख़ गया,
चेहरें का नूर कही उड सा गया,
अब जिन्दगी से एक़ ही तमन्ना,
सो जाऊ फ़िर से उन सपनो की दुनियां मे।
Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status
जन्म दिन पर शायरी ग़ज़ल || Happy birthday Hindi gazal
क़ाश ऐसा भी एक काम करदे ख़ुदा,
आपका ये दिन ख़ुशियों से भरदे ख़ुदा
आपके मुँह से जो निकले सच हो जाए,
आपकी दुआ में ऐसा असर दे ख़ुदा
मेरी ज़िन्दग़ी से ज़्यादा आप क़ीमती हैं,
दुआ करते हैं आपको भी लंबी उम्र दे ख़ुदा
तुम्हारे जश्न का ख़ज़ाना कभी ख़ाली न हो,
आपको ख़ुशियाँ भी इस क़दर दे ख़ुदा
हमारी सदियों से ये है फ़रयाद कि आपको,
अच्छी नौक़री, अच्छा पति ख़ूबसूरत घर दे ख़ुदा
Title: जन्म दिन पर शायरी ग़ज़ल || Happy birthday Hindi gazal
Ishq da rang || love Punjabi shayari
Ishq da hoyia rang goorha hor
Jinni doori ishq vadh gya e onna hor
Menu na chahat tere ton bgair kise vi cheez di
Tu khush rhe mein dekhda raha menu chahida nhi kuj hor ❤
ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਹੋਇਆ ਰੰਗ ਗੂੜ੍ਹਾ ਹੋਰ
ਜਿੰਨੀ ਦੂਰੀ ਇਸ਼ਕ ਵੱਧ ਗਿਆ ਏ ਓਨਾ ਹੋਰ
ਮੈਨੂੰ ਨਾ ਚਾਹਤ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਬਗੈਰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਚੀਜ਼ ਦੀ
ਤੂੰ ਖੁਸ਼ ਰਹੇ ਮੈਂ ਦੇਖਦਾ ਰਵਾਂ ਮੈਨੂੰ ਚਾਹੀਦਾ ਨਹੀਂ ਕੁੱਝ ਹੋਰ❤
