पहले विश्वास जीत कर दिल में समाते हैं लोग॥
फिर ख्वाब बनकर सपनों में आते हैं लोग॥
फिर जताते हैं कि वो सिर्फ हमारे है॥
पर पता नहीं क्यों आखिर में बदल जाते हैं लोग॥💔💔
पहले विश्वास जीत कर दिल में समाते हैं लोग॥
फिर ख्वाब बनकर सपनों में आते हैं लोग॥
फिर जताते हैं कि वो सिर्फ हमारे है॥
पर पता नहीं क्यों आखिर में बदल जाते हैं लोग॥💔💔
उनके चेहरे की हंसी पर नजर मेरी तब पड़ी, जब शहर में मेरा आना हुआ..
अब उनके चेहरे पर ही रहती है ये हर घड़ी, और उनका मुझे देख शर्माना हुआ..
मेरी नज़रों पे उनकी नज़रों ने लगाई ऐसी हथ-कडी, ना फिर मेरा कभी घर जाना हुआ..
अब नज़रों से सिर्फ वही देखते हैं, जो वो दिखाती है, ना जाने भरा ये हमने, कैसा हर-ज़ाना हुआ..
Ohde deedar ton vanjhe hon ton Dari naal
Ki fark peya ohnu teri akh bhari naal..!!
ਓਹਦੇ ਦੀਦਾਰ ਤੋਂ ਵਾਂਝੇ ਹੋਣ ਤੋਂ ਡਰੀ ਨਾਲ
ਕੀ ਫ਼ਰਕ ਪਿਆ ਓਹਨੂੰ ਤੇਰੀ ਅੱਖ ਭਰੀ ਨਾਲ..!!