Skip to content

Badhte raho || मंज़िल की ओर…|| hindi poetry

सफर जारी है मंज़िल को पाने की।
जंग से लड़ना ही रीत है जहां की।।
बैठे रहने से कुछ भी नसीब नहीं ।
नसीब के भरोसे अकर्मण्यों ने ज़िन्दगी जियी।।

कर पूजन कर्म का तू।
मन में रख कर हौंसला । ।
हौंसला यदि हो बुलन्द।
तय होगा हर फासला।।
ज़िन्दगी समय से है , समय ही ज़िन्दगी ।
यूं न जाने दो समय को , नहीं मिलेगी कोई ख़ुशी।।
कर हर काम समय पर , ज़िन्दगी तुम्हे आसमान पर ला देगी ।
सफलता की सीढिया कदमों पर झुका देगी।।
लड़ो ज़िन्दगी की हर एक जंग से ।
न हारो वक़्त रूपी तुरंग से।।
पल पल अनमोल है ज़िन्दगी की ।
केवल परिश्रम हो तो मिलेगी हर ख़ुशी।।
मंज़िल को पाना आसान नहीं ।
पर मंज़िल को ही छोड़ देना हल नहीं । ।
पार कर राहों के कांटो को ।
बढ़ते रहो मंज़िल की ओर।।

Title: Badhte raho || मंज़िल की ओर…|| hindi poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


मदहोश || hindi shayari

सारा शहर लिख दिया इक काग़ज़ में,
जिसे भी पढ़ता गया उसे मिटाता गया,
अक्स मिला भी तो खाली पैमानें में, बस
खुदको पढ़ता गया खुदको पिलाता गया....

Title: मदहोश || hindi shayari


Yaad hai na || love hindi shayari

Love hindi shayari || yaad hai na...Kahi bhool to nhi gye...Zindagi meri hai hi nhi...Jab se tum chale gaye...
yaad hai na…Kahi bhool to nhi gye…Zindagi meri hai hi nhi…Jab se tum chale gaye…