Enjoy Every Movement of life!
तुम पूछते थे न किअगर यूँ होता तो क्या होतासुन ले- ऐ ग़ालिब,आज तू होता तो बहुत रोताबड़े महलों के सामनेइंसानी वजूद भी पड़ गया छोटाजहाँ वो अमीर प्लेट फेकतावहीं मैं गरीब भूखा सोता
Kali raate shikhar hanera
khamoshi da pehra e
teri yaad mere hanjhu
ina da rishta gehra hai
काली राते शिखर हनेरा
खामोशी दा पहरा ऐ
तेरी याद मेरे हंजू
इना दा रिश्ता गहरा ऐ
