
Gam ch kise nu hasayea nai janda
samandraan cho pani hatheyaa nai janda
bann vaale apne ban jande
jabardasti kise nu apna banayea nai janda

Gam ch kise nu hasayea nai janda
samandraan cho pani hatheyaa nai janda
bann vaale apne ban jande
jabardasti kise nu apna banayea nai janda
कुछ हलचल सी है सीने में
सुकून कुछ खोया – सा है
जाने कैसी है ये अनुभूति
दिल कुछ रोया – सा है
कुछ आहट सी आयी है
और दिल कुछ धड़का – सा है।
हाथ – पाँव में हो रही कंपन-सी
बेचैनी ये जानी पहचानी – सी है
सांसे भी है कुछ थमी – सी
कितने वक्त गुज़र गये इन्तजार में
मेरी आहें भी हैं कुछ जमी – सी।
पलकें अब मूँदने लगी हैं
साँसें अब क्षीण पड़ रही हैं
अब तो आ जाओ इन लम्हों में
जाने कब लौटोगे?
आने का वादा था और ना भी था तो,
तुम्हारा इन्तज़ार तो था..
सारी हदें तोड़ कर आ जाओ
दुनिया की रस्मों को छोड़ कर आ जाओ
चंद लम्हों के लिए ही,
अब तो आ जाओ
मेरे लिए.. सिर्फ मेरे लिए |
रोकर मुस्कुराने का मजा ही कुछ और है
जिंदगी में कुछ खोकर पाने का मजा ही कुछ और है
जिंदगी में हार जीत तो लगी ही रहती है
लेकिन हार के जीतने का मजा ही कुछ और है