Mohobbat de badle mohobbat di umeed nhi rakhde tere ton…
Bas ikk var pyar naal haal puch leya kar..!!
ਮੋਹੁੱਬਤ ਦੇ ਬਦਲੇ ਮੋਹੁੱਬਤ ਦੀ ਉਮੀਦ ਨਹੀਂ ਰੱਖਦੇ ਤੇਰੇ ਤੋਂ
ਬੱਸ ਇੱਕ ਵਾਰ ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਹਾਲ ਪੁੱਛ ਲਿਆ ਕਰ..!!
Mohobbat de badle mohobbat di umeed nhi rakhde tere ton…
Bas ikk var pyar naal haal puch leya kar..!!
ਮੋਹੁੱਬਤ ਦੇ ਬਦਲੇ ਮੋਹੁੱਬਤ ਦੀ ਉਮੀਦ ਨਹੀਂ ਰੱਖਦੇ ਤੇਰੇ ਤੋਂ
ਬੱਸ ਇੱਕ ਵਾਰ ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਹਾਲ ਪੁੱਛ ਲਿਆ ਕਰ..!!
Meri likhi sari shayari teri e
Dhokhe mohobbat di likhi meri kahani teri e
Tere dhokhe karke e kalam mere hathan vich
Onni hai nhi wafadari jinni hai sirf Teri baatan vich ✨💔
ਮੇਰੀ ਲਿਖੀ ਸਾਰੀ ਸ਼ਾਇਰੀ ਤੇਰੀ ਏਂ
ਧੋਖੇ ਮਹੁੱਬਤ ਦੀ ਲਿਖੀ ਮੇਰੀ ਕਹਾਣੀ ਤੇਰੀ ਏਂ
ਤੇਰੇ ਧੋਖੇ ਕਰਕੇ ਆਈ ਏਂ ਕਲਮ ਮੇਰੇ ਹੱਥਾਂ ਵਿੱਚ
ਓਹਨੀਂ ਹੈ ਨਹੀਂ ਵਫ਼ਾਦਾਰੀ ਜਿਨੀਂ ਹੈ ਸਿਰਫ਼ ਤੇਰੀ ਬਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ✨💔
माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥