
likhtey likhtey yeh
mukaam paa liyaa
mai gir gya zameen par
aur tune asmaan paa liya

Janab ye duniya usi ko salam karti hai
Jiske pass paisa ho power ho ya jiska khauf ho💯
जनाब ये दुनिया उसी को सलाम करती है
जिसके पास पैसा हो पावर हो या जिसका खौफ हो💯
कभी थकन के असर का पता नहीं चलता
वो साथ हो तो सफ़र का पता नहीं चलता
वही हुआ कि मैं आँखों में उसकी डूब गया
वो कह रहा था भँवर का पता नहीं चलता
उलझ के रह गया सैलाब कुर्रए-दिल से
नहीं तो दीदा-ए-तर का पता नहीं चलता
उसे भी खिड़कियाँ खोले ज़माना बीत गया
मुझे भी शामो-सहर का पता नहीं चलता
ये मंसबो का इलाक़ा है इसलिए शायद
किसी के नाम से घर का पता नहीं चलता