Enjoy Every Movement of life!
Jhuth par kuch is trah tika hu
Sach se jada afwahon mein bika hu
झूठ पर कुछ इस तरह टिका हूँ
सच से ज्यादा अफवाहों में बिका हूँ
बेअसर हो रही सब दुआए मेरी
जिंदगी जाने क्या सिलसिला दिखा रही है ,
जिसके लिए मांगी खुदा से खुशिया
वो ही धीरे-धीरे दिल को जला रही है।
इंतज़ार किया घंटो उसका
क्या मालूम था वो किसी ओर से मिलके आ रही है ,
मिलने के बहाने ढूंढती थी जो बार बार
यार वो लड्की आँख मिलने से घबरा रहि रही है ।
