
Marziya eh teriyan sanu nahio bhaundiya..!!

उलझनें है बहुत
सुलझा लिया करता हूँ
फोटो खिंचवाते वक्त मैं अक्सर
मुस्कुरा दिया करता हूँ…!
क्यों नुमाइश करू मैं अपने
माथे पर शिकन की
मैं अक्सर मुस्कुरा के
इन्हें मिटा दिया करता हूँ
क्योंकि
जब लड़ना है खुद को खुद ही से……!
तो हार और जीत में कोई फर्क नहीं रखता हूं….!
हारूं या जीतूं कोई रंज नहीं
कभी खुद को जिता देता हूँ
कभी खुद ही जीत जाया करता हूं
इसलिए भी मुस्कुरा दिया करता हूँ..
😇✍️
mazboor ho ke nahi hunda har koi judaa
kujh lok marzi nu majboori keh dinde ne
ਮਜ਼ਬੂਰ ਹੋ ਕੇ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਹਰ ਕੋਈ ਜੁਦਾ..
ਕੁੱਝ ਲੋਕ ਮਰਜੀ ਨੂੰ ਮਜਬੂਰੀ ਕਹਿ ਦਿੰਦੇ ਨੇ ..