ज़िकर तुम्हारा होता है ,अल्फाज् हमारे होते है
आलम ये हो गया है की अब हम रात में भी नहीं सोते हैl
इस कदर गुम हो जाते है तुमहारी याद मे,
की पता नही चलता हम कहा होते है|
अगर तुम साथ नही होगी,
तो तनहा गुजार देगे जिदगी ये वादा करते है|
मेरे ज़जबातों को समझने की कोशिश करो,
हम जैसे इंसान बहुत कम होते है l
वैसे तो हुसन की कमी नहीं है ,
पर तुम्हारे जैसे भी बहुत कम मिलते है l
हर किसी को अपना प्यार मिल जाये ,
ऐसे खुशकिसमत कम होते है l
कुछ तो खास है तुम में ,
वरना हम भी हर किसी पे फिदा नही होते है|
मैं हूँ मुहब्बत,और मेरे मिटने का सवाल ही नहीं❤️
मैं रेत पर लिखी हुई कहानी नहीं
जो लहरों से मिट जाऊँ
मैं बारिश नहीं
जो बरस के थम जाऊँ
मैं हवा नहीं
जो तुम्हारे पास से गुज़र जाऊँ
मैं चाँदनी नहीं
जो रात के बाद ढल जाऊँ
तुम तो वो परवाने हो,
जो जलता रहेगा पर उफ़ तक नहीं करेगा💔
मैं शमा नहीं हूँ
जो परवाने को जला दु
मैं वो रंग हूँ
जो तेरी रूह पर चढ़कर कभी न उतरे
मैं तो वो मुहब्बत हूँ
जो तेरी रग-रग में लहू बन कर गर्दिश करे
Mann ✍️❤️