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nazuk-dil-sad-broken-punjabi-shayari

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Title: nazuk-dil-sad-broken-punjabi-shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Hindi shayari collection || Hindi thoughts

 
कुछ कुछ लोग हैं, जो किसी का सुख देख नहीं पाते।
वे बीमार हैं अंदर से और बोलते हैं जानवर की बातें।
कुछ कुछ इंसान हैं, जो किसी का भला नहीं चाहता।
वे बुरा हैं अंदर से, इसलिए दूसरे का धिक्कार मिलता।
ज़िंदगी में रुकना मना है।
अगर नहीं रुके तो सोचेंगे कैसे।
अगर मैं रुक गया तो मेरा ज़िंदगी भी रुक जायेगा।
मुझे चलना है, अंदर से, बाहर से भी, तभी तो समय फैले गा।
जब हाथ में कोई काम नहीं होता, दिमाग भी काम करना छोड़ देता।
जब हाथ में काम आ जाता है, दिमाग पकड़ लेता समय का दोस्ताना।
काम करने वाले को अगर काम नहीं होता, तो वह पागल बन जाता।
अगर कोई काम चोर को ज्यादा काम मिला, तो वह गुनहगार बनता।
समय को जो संभाल सकते है, वह ज़िंदगी में आगे बढ़ते।
समय दिल की धड़कन की तरह हमेशा जुड़े रहते है जीवन के साथ और उसे कभी छोड़ नहीं पाते।
वह बिलकुल खत्म हो जाता, समय का बंधन से जो निकल नहीं पाता।
समय खुद चलता है, लेकिन दूसरे को कभी चलने नहीं देता।
बचपन से अगर ग़लतियाँ सुधर नहीं जाते, तो वह एक अभ्यास बनता।
बेटा बेटी को पाता हैं कि वह सही, लेकिन माँ बाप दोषी बनता।
जो ज्यादा बात करता है, बुरा बात करता है, उसके साथ मुँह मत लगाना।
वह बीमार है, अगर मुँह लगाया, तो खुद के पास खुद को खोना।
उच्चारण मेरा दिल की धड़कन है।
मैं देशी हूँ या विदेशी, यह बात नहीं, सिर्फ मेरा भावना को वह साबित करता है।
मेरा और आपका उच्चारण अलग है, क्योंकि हमारा देश अलग।
लेकिन हमारा धरती एक है, लाल खून हम सबके अंग।
उच्चारण से इंसान पता चलता है, लेकिन इंसानियत कभी नहीं।
आधुनिक शिक्षित व्यक्ति जो दूसरे का उच्चारण का मज़ा लेते है, वह मूर्ख सही।
उच्चारण और व्याकरण से डरने की कोई बात नहीं।
दिल की बात खुल के कहो, तुम अपने आप में हमेशा सही।
ज्ञान कभी अज्ञानी को नहीं दिए जाते, ज्ञान सिर्फ बुद्धिमान के लिए है।
बेवकूफ़ के साथ मुँह मत लगाना, अपना सम्मान अपना हाथों में।
जो ज्यादा बात नहीं करता है, वह शिक्षित है।
जो बातों बातों में बहस करता है, वह दुनिया के सबसे बड़ा गधा है।

Title: Hindi shayari collection || Hindi thoughts


Love poetry || Hindi Poems on mohobbat

देखा तो तुझे जब पहली बार मैंने,
अपनी आंखों पर न किया था एतबार मैंने,
क्या होता है कोई इतना भी खूबसूरत,
यही पूछा था खुदा से बार-बार मैंने।
तेरे नीले नीले नैनो ने किया था काला जादू मुझ पर,
यूं ही तो नहीं खो दिया था करार मैंने।

कायदा इश्क जब से पड़ा है,
इल्म बस इतना बचा है मुझ में,
फकत नाम तेरा मैं लिख लेता हूं, पढ़ लेता हूं।

आग बरसे चारों तरफ इस जमाने के लिए,
मेरी आंखों की नमी में हो पनाह किसी को छिपाने के लिए।
वो है खुदगर्ज बड़ी मैं जानता हूं,
लौट आएगी फिर से खुद को बचाने के लिए।

मिजाज हो गए तल्ख जब मतलब निकल गया,
ना हुई दुआ कबूल तो मजहब बदल गया।
वो जो कहते थे कि मेरी चाहत कि खुदा तुम हो,
कभी बदली उनकी चाहत कभी खुदा बदल गया।

चल मान लिया कोई तुझसे प्यारी नहीं होगी,
पर शर्त लगा लो तुम से भी वफादारी नहीं होगी।
तेरी बेवफाई ने मेरा इलाज कर दिया है,
पक्का अब हमें फिर से इश्क की बीमारी नहीं होगी।

प्यार जब भी हुआ तुमसे ही हुआ,
कोशिश बहुत की मैंने किसी और को चाहने की।
एक तो तेरा इश्क था ही और एक मैंने आ पकड़ा,
अब कोई कोशिश भी ना करना मुझ को बचाने की।

यह जो आज हम उजड़े उजड़े फिरते हैं,
हसरतें बहुत थी हमें भी दुनिया बसाने की।
मुझे आज भी तुमसे कोई गिला नहीं है,
दस्तूर ही कहां बचा है मोहब्बत निभाने का।

इस शहर में मुर्दों की तादाद बहुत है,
कौन कहता है कि ये आबाद बहुत है,
जुल्मों के खिलाफ यहां कोई नहीं बोलता,
बाद में करते सभी बात बहुत हैं।

मेरे छोटे से इस दिल में जज्बात बहुत हैं,
नींद नहीं है आंखों में ख्वाबों की बरसात बहुत है।
राह नहीं, मंजिल नहीं, पैर नहीं कुछ भी नहीं,
मुझे चलने के लिए तेरा साथ बहुत है।

दूर होकर भी तू मेरे पास बहुत है,
सगा तो नहीं मेरी पर तू खास बहुत है।
जिनकी टूट चुकी उनको छोड़ो बस,
हमें तो आज भी उनसे आस बहुत है।

Title: Love poetry || Hindi Poems on mohobbat