Sahara na raha koi mera
Yuhi darbadar bhatakta hu
Jinki aankho ka noor tha mai kbhi
Ab unhi nazro me roz khatakta hu… 🍂
सहारा ना रहा कोई मेरा
यूँही दरबदर भटकता हूँ
जिनकी आँखों का नूर था मैं कभी
अब उन्हीं नज़रों मे रोज़ खटकता हूँ।। 🍂
Enjoy Every Movement of life!
Sahara na raha koi mera
Yuhi darbadar bhatakta hu
Jinki aankho ka noor tha mai kbhi
Ab unhi nazro me roz khatakta hu… 🍂
सहारा ना रहा कोई मेरा
यूँही दरबदर भटकता हूँ
जिनकी आँखों का नूर था मैं कभी
अब उन्हीं नज़रों मे रोज़ खटकता हूँ।। 🍂

वो चले गए हमसे मुस्कुराने का वादा लेकर, और लोग समझते हैं कि हम पत्थर दिल हैं, केसे बताएं सबको यारो आज भी हमें उनसे प्यार बहुत है