Sahara na raha koi mera
Yuhi darbadar bhatakta hu
Jinki aankho ka noor tha mai kbhi
Ab unhi nazro me roz khatakta hu… 🍂
सहारा ना रहा कोई मेरा
यूँही दरबदर भटकता हूँ
जिनकी आँखों का नूर था मैं कभी
अब उन्हीं नज़रों मे रोज़ खटकता हूँ।। 🍂
Sahara na raha koi mera
Yuhi darbadar bhatakta hu
Jinki aankho ka noor tha mai kbhi
Ab unhi nazro me roz khatakta hu… 🍂
सहारा ना रहा कोई मेरा
यूँही दरबदर भटकता हूँ
जिनकी आँखों का नूर था मैं कभी
अब उन्हीं नज़रों मे रोज़ खटकता हूँ।। 🍂
मैं तुम्हे तुमसे ज्यादा जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जानता हूं,
जो कहते नहीं वो आंखों से बता देते हो,
मैं तुम्हारी नजरों का हर इशारा जानता हूं
जानता हूं हाथ थाम कर चलना पसंद है तुम्हे,
फिर कांधे में सिर रखकर बैठना पसंद है तुम्हे,
पानी में लिखकर नाम अक्सर मिटा देते हो,
मेरे साथ रहने का तुम्हारा हर बहाना जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जनता हूं...
Aksar Lok pyar di aadh vich aa ke
Ikk change dost nu vi khoh bethde ne..!!
ਅਕਸਰ ਲੋਕ ਪਿਆਰ ਦੀ ਆੜ ਵਿੱਚ ਆ ਕੇ
ਇੱਕ ਚੰਗੇ ਦੋਸਤ ਨੂੰ ਵੀ ਖੋਹ ਬੈਠਦੇ ਨੇ..!!