Sahara na raha koi mera
Yuhi darbadar bhatakta hu
Jinki aankho ka noor tha mai kbhi
Ab unhi nazro me roz khatakta hu… 🍂
सहारा ना रहा कोई मेरा
यूँही दरबदर भटकता हूँ
जिनकी आँखों का नूर था मैं कभी
अब उन्हीं नज़रों मे रोज़ खटकता हूँ।। 🍂
Sahara na raha koi mera
Yuhi darbadar bhatakta hu
Jinki aankho ka noor tha mai kbhi
Ab unhi nazro me roz khatakta hu… 🍂
सहारा ना रहा कोई मेरा
यूँही दरबदर भटकता हूँ
जिनकी आँखों का नूर था मैं कभी
अब उन्हीं नज़रों मे रोज़ खटकता हूँ।। 🍂

भगवन का इन्साफ करने का तरीका बहुत अच्छा है, कुछ बुरे कर्म माँ बाप करते हैं लेकिन उसका फल संतान को मिलता है।
कुछ बुरे कर्म संतान करती है लेकिन उसका फल माँ बाप को मिलता है क्यूंकि कोई भी इतना अपने दुःख दर्द में नहीं तडपता जितना अपनों को दर्द में देखकर तड़पता है।
तो थोड़ा सोच कर चलिए बुरे कर्म करोगे आप, भुगतेंगे आपके अपने
Manisha❤️Mann✍️