BESHAK KODHA BOLI DA
PAR RUTBE THODHE AAM AW…
CHANGE BANAN DE HUNDE NAHI DRAAME,
J MAADHE AW TA OH V SHREAAM AW…
Ek daur tha…
Jab bde chaav se tere hath ki roti khata tha mein, maa
Aaj bas bhookh mitane ke liye roti ka niwala todta hu💔
एक दौर था…
जब बङे चाव से तेरे हाथ की रोटी खाता था मैं , माँ
आज बस भूख मिटाने के लिए रोटी का निवाला तोड़ता हूँ 💔
हिम्मत भी है ताकत भी ओर हौसला भी
उनकी खुशी के लिए सब कुछ कर जाऊंगा
देखेगी दुनिया भी इस अंजान चेहरे को
जब बाहों में समेटकर में चांद लेकर आऊंगा
मेरी मां के चेहरे पर मुस्कुराहट होगी
और हाथो मेरे लिए में नूर होगा
हवाओं में भी खुशबू होगी और
पापा की नज़रों में गुरूर होगा
सुरूर होगा जब दुनिया अपनी सी लगेगी
जब दुनिया को मेरा भी शउर होगा
अपनी नज़रों में तालाब की आवाम भर लाऊंगा
हर शाम में लौट कर जब घर आऊंगा
हाथों में रोटी पकड़कर कहेगी, बेटा खा ले
मैं मुस्कुराकर दो निवाले उसे भी खिलाऊंगा
खैर, निकल पड़ा हूं अभी मंज़िल ढूंढने खुद ही
इंतेज़ार उस वक्त का है जब मै चांद समेट लाऊंगा...