Manzil mil hi jaayegi, Bhatakte hue hi sahi,
Gumraah to wo hain, jo ghar se nikle hi nahi✌
मंज़िल मिल ही जाएगी, भटकते हुए ही सही,
गुमराह तो वो लोग हैं, जो घर से निकले ही नही✌
Manzil mil hi jaayegi, Bhatakte hue hi sahi,
Gumraah to wo hain, jo ghar se nikle hi nahi✌
मंज़िल मिल ही जाएगी, भटकते हुए ही सही,
गुमराह तो वो लोग हैं, जो घर से निकले ही नही✌
Vjah puchan da mauka hi nhi mileya,
Bas sma guzrda gya te asi ajnabi bande gye 💔
ਵਜਾਹ ਪੁੱਛਣ ਦਾ ਮੌਕਾ ਹੀ ਨਹੀਂ ਮਿਲਿਆ,
ਬਸ ਸਮਾਂ ਗੁਜ਼ਰਦਾ ਗਿਆ ਤੇ ਅਸੀਂ ਅਜਨਬੀ ਬਣਦੇ ਗਏ💔
नज़र भी तलाशे किसी डगर पर खड़ा, कोई हमसफ़र काश मुझे मिल जाए..
जिसके साथ शुरू मैं करलूँ आखिर, नया जिदगी का कोई सफर मिल जाए..
कहीं अटकूं जो गर किसी राह पर, हाथों से हाथ इस कदर मिल जाए..
हमें भी हमारी जिंदगी में कोई ऐसा, निगेबान हमकदर मिल जाए..