Manzil mil hi jaayegi, Bhatakte hue hi sahi,
Gumraah to wo hain, jo ghar se nikle hi nahi✌
मंज़िल मिल ही जाएगी, भटकते हुए ही सही,
गुमराह तो वो लोग हैं, जो घर से निकले ही नही✌
Enjoy Every Movement of life!
Manzil mil hi jaayegi, Bhatakte hue hi sahi,
Gumraah to wo hain, jo ghar se nikle hi nahi✌
मंज़िल मिल ही जाएगी, भटकते हुए ही सही,
गुमराह तो वो लोग हैं, जो घर से निकले ही नही✌
यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए,
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए,
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं,
बस दिलों मे प्यार चाहिए उसे निभाने के लिए!
