Manzil mil hi jaayegi, Bhatakte hue hi sahi,
Gumraah to wo hain, jo ghar se nikle hi nahi✌
मंज़िल मिल ही जाएगी, भटकते हुए ही सही,
गुमराह तो वो लोग हैं, जो घर से निकले ही नही✌
Manzil mil hi jaayegi, Bhatakte hue hi sahi,
Gumraah to wo hain, jo ghar se nikle hi nahi✌
मंज़िल मिल ही जाएगी, भटकते हुए ही सही,
गुमराह तो वो लोग हैं, जो घर से निकले ही नही✌
Din hua hai, to raat bhi hogi,
Mat ho udaas,usse kabhi baat bhi hogi
Vo pyar hai hi itna pyara,
Zindagi Rahi to mulakaat bhi hogi❤️
दिन हुआ है, तो रात भी होगी,
मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी।
वो प्यार है ही इतना प्यारा,
ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी।❤️
जिंदगी जख्मों से भरी है वक्त को मरहम बनाना सिख लों, हारना तो है ही मौत के सामने पहले जिंदगी से जीना सिख लो।
दुनिया चुप रहती कब हैं,
कहने दो जो कहती है