Tere vich tu baki nhi e
Te mere vich mein..!!
Enjoy Every Movement of life!
ज़िन्दगी के अंजान सफर में निकल के देखूंगा,
ये मौत का दरिया है तो चल के देखूंगा...
सवाल ये है कि रफ्तार किसकी कितनी है,
मैं हवाओं से आगे निकल कर देखूंगा...
इक मज़ाक अच्छा रहेगा चांद तारों से,
मैं आज शाम से पहले ढल कर देखूंगा...
रोशनी बाटने वालों पर क्या गुजरती है,
आज मैं इक चिराग़ की तरह जल कर देखूंगा...
मुझे किस्मत से शिकवा तो नहीं लेकिन ऐ खुदा,
वो ज़िन्दगी में क्यों आया जो किस्मत में नहीं था।💔