Tere vich tu baki nhi e
Te mere vich mein..!!
ਤੂੰ ਨਾਲ ਤੁਰਨ ਦੀ ਹਾਮੀ ਤਾਂ ਭਰਦਾ ਸੱਜਣਾ ਮੰਜ਼ਿਲ ਦੀ ਕੀ ਔਕਾਤ ਸੀ ਕੇ ਸਾਨੂੰ ਨਾ ਮਿਲਦੀ |😇
Tu nall Turan de hami ta bharda sajna manzil de ki okat si ke Sanu na mildi |😇
करवट बदलकर सोने की कोशिश की, नींद फिर भी ना आई..
रात कमरे में बस हम दोनो थे, मैं और मेरी तनहाई..
उसे पसंद नहीं मुझसे दूर जाना, और मैने कभी वो पास ना बुलाई..
आखिर में बैठकर बातें की उससे, और जान पहचान बढ़ाई..
उसने कहा साथ उसे अच्छा लगता है मेरा, पर मुझे वो रास न आई..
समझाया उसे दूर होजा मुझसे, इतनी सी बात भी उसे समझ ना आई..
आखिर में अपनाना पड़ा उसे, वो तो मुझे छोड़ ना पाई..
जब अपनाकर उसे, आंखें बंद की मैने, तब जाकर कहीं मुझे नींद आई….