Tere vich tu baki nhi e
Te mere vich mein..!!
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे तेरी मर्जी के मुताबिक नज़र आयें कैसे घर सजाने का तसव्वुर तो बहुत बाद का है पहले ये तय हो की इस घर को बचाएं कैसे क़हक़हा आँख का बर्ताव बदल देता है हंसने वाले तुझे आंसू नज़र आयें कैसे कोई अपनी ही नज़र से तो हमें देखेगा एक कतरे को समंदर नज़र आयें कैसे लाख तलवरे झुकी अती हो गरदन की तरफ सर झुकाना नहीं आता तो झुकाएं कैसे
Zindagi beet gai sabh nu khush karan ch
Jehdhe aapne c oh kade khush hoye hi nahi
te jehdhe khush hoye oh kade aapne bane hi nahi
ਜਿੰਦਗੀ ਬੀਤ ਗਈ ਸਭ ਨੂੰ ਖੁਸ਼ ਕਰਨ ‘ਚ
‘ਜਿਹੜੇ’ ਆਪਣੇ ਸੀ ਉਹ ਕਦੇ ਖੁਸ਼ ਹੋਏ ਨਹੀਂ
ਤੇ ਜਿਹੜੇ ਖੁਸ਼ ਹੋਏ ਉਹ ਕਦੇ ਆਪਣੇ ਬਣੇ ਨਹੀਂ।