Je tu itt aa chubaare wali
main pathar haan neeh wala
ek din aa k diggegi mere kol tu
ਜੇ ਤੂੰ ਇੱਟ ਆ ਚੁਭਾਰੇ ਵਾਲੀ
ਮੈਂ ਪੱਥਰ ਹਾਂ ਨੀਂਹ ਵਾਲਾ
ਇਕ ਦਿਨ ਆ ਕੇ ਡਿੱਗੇਗੀ ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਤੂੰ ..#GG
Je tu itt aa chubaare wali
main pathar haan neeh wala
ek din aa k diggegi mere kol tu
ਜੇ ਤੂੰ ਇੱਟ ਆ ਚੁਭਾਰੇ ਵਾਲੀ
ਮੈਂ ਪੱਥਰ ਹਾਂ ਨੀਂਹ ਵਾਲਾ
ਇਕ ਦਿਨ ਆ ਕੇ ਡਿੱਗੇਗੀ ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਤੂੰ ..#GG
कभी थकन के असर का पता नहीं चलता
वो साथ हो तो सफ़र का पता नहीं चलता
वही हुआ कि मैं आँखों में उसकी डूब गया
वो कह रहा था भँवर का पता नहीं चलता
उलझ के रह गया सैलाब कुर्रए-दिल से
नहीं तो दीदा-ए-तर का पता नहीं चलता
उसे भी खिड़कियाँ खोले ज़माना बीत गया
मुझे भी शामो-सहर का पता नहीं चलता
ये मंसबो का इलाक़ा है इसलिए शायद
किसी के नाम से घर का पता नहीं चलता
ख़िज़ाँ का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम
किसे ख़बर थी बिछड़कर न मिल सकेंगे कभी
न ख़त्म होगा तेरे इन्तिज़ार का मौसम
ग़रज़ का दौर है सबको हैं अपनी अपनी धुन
किसी को रास न आया पुकार का मौसम
ढला है हुस्न तो मशहूर बेवफ़ाई हुई
गुज़र गया है तेरे इन्तिज़ार का मौसम
उड़ाए फिरती है आवारगी की आंधी हमें
हमें नसीब कहाँ ज़ुल्फ़-ए- यार का मौसम
बुझे हैं रेख़्ता हम तो बुझे नज़ारे हैं
उदास उदास लगा हुस्न -ए- यार का मौसम