
mujhe raate yaad aati hai
nazaane kyu teri khi joothi
baate yaad aati hai
sach kahu to mai bhoolna chahta hu tujhe
par kya karu teri mulaqaate yaad ati hai

तू चलता चल ऐ बंदेया
माना मुश्किल , है सफ़र
पर जब साथ हो कोई हमदर्द
तो किस बात का डर
तू चलता चल ऐ बंदेया….
बपिस मुड़ना अब यहाँ से
माना है , जिस राह पर तू चला है
रुक , ठहर , खुद से खुद की लिए इजाज़त माँग,
फिरसे खड़कर , द्रिड होकर, चट्टान सा बनकर
तू चलता चल ऐ बंदेया…
तुझे रखना पड़ेगा खुद को प्रत्येक रूप से तयार
क्यूँकि इस संसार में ना रख सकते प्यार का , ना यार का ऐतबार
पर मुश्किल समय में ग़ैरों का हौंसला ज़रूर बनना मेरे यार
यहाँ आजकल कोन आता है छोड़कर अपना घर व्यापार
तू बुलंदियाँ छूता चल ऐ बंदेया ,तू चलता चल ऐ बंदेया ,
तू चलता चल ऐ बंदेया…….।
Me ohna vicho haan jisne aneka thawaan de bheed de kafle vich khad ke v ikalapan mehsoos kita
ਮੈਂ ਓਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਹਾਂ ਜਿਸਨੇ ਅਨੇਕਾਂ ਥਾਵਾਂ ਤੇ ਭੀੜ ਦੇ ਕਾਫਲੇ ਵਿੱਚ ਖੜ ਕੇ ਵੀ ੲਿੱਕਲਾਪਨ ਮਹਿਸੂਸ ਕੀਤਾ ਹੋਵੇ