
mujhe raate yaad aati hai
nazaane kyu teri khi joothi
baate yaad aati hai
sach kahu to mai bhoolna chahta hu tujhe
par kya karu teri mulaqaate yaad ati hai

तेरा ईश्क रहता है , मेरे सपनों के शहर में ।
दबी जुबां में मुझसे , एक बात कहता है ।।
मन में बसी है तू , दिल तुझसे मिलने को बेकरार है ।
नाराजगी छोड़ दे ना , तेरा प्यार तो मेरे लहू में बहता है ।।
ख्वाबों की गलियों में , बसी चाहत है सनम ।
फितूरी का खुमार भी , बस तेरा ही नाम कहता है ।।
आँखों में नींद नहीं , सुकून में भी चैन नहीं ।
बस इजहार-ए-मोहब्बत का ख्याल , हर पल मेरे जहन में रहता है ।।
