
wo pyaar to humse karta hai par
maine usse gairo ko khat likhtey dekha hai
Arsh tu shayar nahi tu kayar hai
kyunki maine gairo ki baho me
tujhe chhipte dekha hai

ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।
इधर उधर थुकना मत।
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गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।
समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।
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बचपन मासूम कली।
फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।
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कीचड़ में भी कमल खिलता है।
अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।
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इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।
डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।
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कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।
बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।
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जीविका से प्यारा है जिंदगी।
अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।
Halatan anusar badlna Sikh lwo,
Sari umar zindagi iko jehi nhi hundi🍂
ਹਲਾਤਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਬਦਲਨਾ ਸਿਖ ਲਵੋ,
ਸਾਰੀ ਉਮਰ ਜਿੰਦਗੀ ਇਕੋ ਜਿਹੀ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ 🍂