Tainu paun di vajah tan
koi v nahi
mohobat di tan aadat hai
bewajah hauna
ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ ਵਜਾਹ ਤਾਂ
ਕੋਈ ਵੀ ਨਹੀਂ
ਮੁਹੋਬਤ ਦੀ ਤਾਂ ਆਦਤ ਹੈ
ਬੇਵਜਾਹ ਹੋਣਾ
Tainu paun di vajah tan
koi v nahi
mohobat di tan aadat hai
bewajah hauna
ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ ਵਜਾਹ ਤਾਂ
ਕੋਈ ਵੀ ਨਹੀਂ
ਮੁਹੋਬਤ ਦੀ ਤਾਂ ਆਦਤ ਹੈ
ਬੇਵਜਾਹ ਹੋਣਾ
kabhi bin bole samajh li thi hamne har takleef uski
aaj ham karte hai byaa gam apna to bhi wo samajh nahi paate
कभी बिन बोले समझ ली थी हमने हर तकलीफ उसकी,
आज हम करते हैं बयां गम अपना तो भी वो समझ नहीं पाते।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब राहो में मेरे साथ हो तुम।
मुझे नहीं चाहिए दौलत सूरत
मेरी इक बस अरमान हो तुम।
बंजर पड़ी मेरी ज़िंदगी को
शोभन करे वो बरसात हो तुम।
मेरी कौफ सी काली रातो को
रोषण करे वो चांद हो तुम।
मेरा दिन बन जाता लबो पे आते
वो खुदा सुनहरा नाम हो तुम।
मेरी हर मुश्किल को चीर के आगे
वो धनुष से निकला बान हो तुम।
मेरी हर दर्द को दुर करे
मलहम सा लगा बाम हो तुम।
मुझे क्या जरूरत किसी ऑर सक्स की
जब हर लम्हों में साथ हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।
जो तन को पल में सीतल कर दे
वो सुबह की पहली आजन हो तुम।
जो सह ले हर करवी बाते
वो मधुर मीठी मुस्कन हो तुम।
जो राहत से भितम गरमी से
वो पेरो की ठंडी छाओ हो तुम।
खोल दे आखे सही वक्त पे
वो शोर करती आलार्म हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।।