
chandi to bina kade reh ni sakda
bhawe meri jind jaan mukk jave
sohniye peedh tenu hove kade seh ni sakda

Kuch ghav thik ho rhe hai
kuch par marham lgaya ja rha hai
Par kya btaye ye jhakhm to bahar ke hai
andar se to meri rooh ko tadpaya jarha hai💔
कुछ घाव ठीक हो रहे हैं
कुछ पर मरहम लगाया जा रहा है
पर क्या बताएँ ये ज़ख्म तो बाहर के हैं
अंदर से तो मेरी रूह को तड़पाया जा रहा है💔
प्रकृति की बातें सुनाए जाएं, उसकी गाथा कहानी सुनाए जाएं। उठते सूरज की लाली देखो, प्राकृतिक सौंदर्य में खो जाएं।
वृक्षों की छाया को चढ़कर, धरती के गुणगान कर दें। जल की लहरों के रंगों को, रसियों की आवाज़ बना दें।
बारिश की बूँदों का मेल मिलाप, आकर्षण भरी मधुर ध्वनि। हरा-भरा वन आपको बुलाए, अपार प्राकृतिक खजानी।
पर्वतों की ऊँचाइयों से, नदी की धार करे बहती। महकती हवाओं की लहरों में, खुद को आप गंभीर करें।
प्रकृति की रचनाओं को देखो, सुंदरता में जीवन का रंग है। आओ इसे समझें, इसे प्यार करें, प्रेम से हमेशा संग रहें, संग हैं।