Bolna tu v nahi te bulauna me v nahi
bhul tu v sakdi nai te bhulauna me v nahi
ਬੋਲਣਾ ਤੂੰ ਵੀ ਨਹੀਂ ਤੇ ਬੁਲਾਉਣਾ ਮੈਂ ਵੀ ਨਹੀਂ
ਭੁੱਲ ਤੂੰ ਵੀ ਸਕਦੀ ਨਹੀਂ
ਤੇ ਭੁਲਾਉਣਾ ਮੈਂ ਵੀ ਨਹੀਂ
Bolna tu v nahi te bulauna me v nahi
bhul tu v sakdi nai te bhulauna me v nahi
ਬੋਲਣਾ ਤੂੰ ਵੀ ਨਹੀਂ ਤੇ ਬੁਲਾਉਣਾ ਮੈਂ ਵੀ ਨਹੀਂ
ਭੁੱਲ ਤੂੰ ਵੀ ਸਕਦੀ ਨਹੀਂ
ਤੇ ਭੁਲਾਉਣਾ ਮੈਂ ਵੀ ਨਹੀਂ
लम्बीया राता यार दा विछोड़ा
मुंडेर ते बैठा है
एक जंगली कबूतरा दा जोड़ा
कर रहा गुटरगूं, गुटरगूं
जाने तू की कर रहा
दूर चिनारा ते विखरी है चांदनी
ते वेढा सादा महक रहा
रात दी रानी गुनगुना रही
दिल उदास मेरा तू ना आया
चित तेनु उडीक रहा
झींगुर ने छेड़ दिति तान
हव्वा वी पत्त्या नु ताल दे रही है
सीने दी धड़कन वी वड रही सरपट
गूंजी पपीहे दी पीहू-पीहू
नाल मेरे दिल दी पुकार
पर तू ना आया चित तेनु उडीक रहा
आँखा ते स्याह आसमान भरके
पूरी रात तारयां दे जोड़े बनाए
कित्ते कोई तारा टूटयां
चंद कल्ला रह गया
जीवे मैं तेरे बिन अधूरा रह रही
ऐवी गम दी रात गुजर जानी है
याद तेरी नाल सदा रह जानी है
याद वी नही हुंडी ते की करदे
हर्ष किवे होक्के भरदे
फेर वी तेनु पौन नु मन्नत मंग रही
चित रह रह के आज वी तेनु उडीक रही
तेरी आंखों में ये आज शरारत नई है
बदन में मेरे उठी ये हरारत नई है
क्या ये सब मेरे इश्क़ का असर है
या तेरे दिल में ये पल रही चाहत नई है
ये तेरे मस्कारे ये तेरा जुल्फे संवारना
लगता आज किसी पे क़यामत नई है
तेरे बेवफा इशारे खूब समझता हूं
लगता आज मेरे दिल पे शामत नई है