Bolna tu v nahi te bulauna me v nahi
bhul tu v sakdi nai te bhulauna me v nahi
ਬੋਲਣਾ ਤੂੰ ਵੀ ਨਹੀਂ ਤੇ ਬੁਲਾਉਣਾ ਮੈਂ ਵੀ ਨਹੀਂ
ਭੁੱਲ ਤੂੰ ਵੀ ਸਕਦੀ ਨਹੀਂ
ਤੇ ਭੁਲਾਉਣਾ ਮੈਂ ਵੀ ਨਹੀਂ
Bolna tu v nahi te bulauna me v nahi
bhul tu v sakdi nai te bhulauna me v nahi
ਬੋਲਣਾ ਤੂੰ ਵੀ ਨਹੀਂ ਤੇ ਬੁਲਾਉਣਾ ਮੈਂ ਵੀ ਨਹੀਂ
ਭੁੱਲ ਤੂੰ ਵੀ ਸਕਦੀ ਨਹੀਂ
ਤੇ ਭੁਲਾਉਣਾ ਮੈਂ ਵੀ ਨਹੀਂ
Nahi pata kinjh ijhhaar me
bulla te gal aundi aundi reh je
das kive byaan karaa me param
eh kamla dil kise da gulaa na hoyea
tera ho baitha
das kive ehnu azaad karaa
ਨਹੀਂ ਪਤਾ ਕਿੰਝ ਇਜ਼ਹਾਰ ਮੈਂ
ਬੁੱਲਾਂ ਤੇ ਗੱਲ ਆਉਂਦੀ ਆਉਂਦੀ ਰਹਿ ਜੇ
ਦੱਸ ਕਿਵੇਂ ਬਿਆਨ ਕਰਾਂ ਮੈਂ param
ਇਹ ਕਮਲ਼ਾ ਦਿਲ ਕਿਸੇ ਦਾ ਗੁਲਾਮ ਨਾਂ ਹੋਇਆਂ
ਤੇਰਾ ਹੋ ਬੈਠਾ
ਦੱਸ ਕਿਵੇਂ ਇਹਨੂੰ ਆਜਾਦ ਕਰਾਂ
जीवन में वह था एक कुसुम,
थे उस पर नित्य निछावर तुम,
वह सूख गया तो सूख गया;
मधुवन की छाती को देखो,
सूखीं कितनी इसकी कलियाँ,
मुरझाईं कितनी वल्लरियाँ जो
मुरझाईं फिर कहाँ खिलीं;
पर बोलो सूखे फूलों पर
कब मधुवन शोर मचाता है;
जो बीत गई सो बात गई!
जीवन में मधु का प्याला था,
तुमने तन-मन दे डाला था,
वह टूट गया तो टूट गया;
मदिरालय का आँगन देखो,
कितने प्याले हिल जाते हैं,
गिर मिट्टी में मिल जाते हैं,
जो गिरते हैं कब उठते हैं;
पर बोलो टूटे प्यालों पर
कब मदिरालय पछताता है!
जो बीत गई सो बात गई!
मृदु मिट्टी के हैं बने हुए,
मधुघट फूटा ही करते हैं,
लघु जीवन लेकर आए हैं,
प्याले टूटा ही करते हैं,
फिर भी मदिरालय के अंदर
मधु के घट हैं, मधुप्याले हैं,
जो मादकता के मारे हैं
वे मधु लूटा ही करते हैं;
वह कच्चा पीने वाला है
जिसकी ममता घट-प्यालों पर,
जो सच्चे मधु से जला हुआ
कब रोता है, चिल्लाता है!
जो बीत गई सो बात गई!