Bhuleyaa ni me kita ohda koi v waada
oh taa haini par pale aj v ne ohdiyaa yaada
ਭੁਲਿਆ ਨੀ ਮੈ ਕਿਤਾ ਉਹਦਾ ਕੋਈ ਵੀ ਵਾਅਦਾ …..
ਉਹ ਤਾ ਹੇਨੀ ਪਰ ਪੱਲੇ ਅੱਜ ਵੀ ਨੇ ਉਹਦੀਆਂ ਯਾਦਾਂ
Bhuleyaa ni me kita ohda koi v waada
oh taa haini par pale aj v ne ohdiyaa yaada
ਭੁਲਿਆ ਨੀ ਮੈ ਕਿਤਾ ਉਹਦਾ ਕੋਈ ਵੀ ਵਾਅਦਾ …..
ਉਹ ਤਾ ਹੇਨੀ ਪਰ ਪੱਲੇ ਅੱਜ ਵੀ ਨੇ ਉਹਦੀਆਂ ਯਾਦਾਂ
Lehron se ladne ke hunar se hum bhi wakif the,
Bas ab samandar raas nhi aata…🙃
लहरों से लड़ने के हुनर से हम भी वाकिफ थे,
बस अब समंदर रास नहीं आता…🙃
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…