Bichadne ki itni jaldi thi use
Khud ko adha shod gya mujhmein❤️🩹
बिछड़ने की इतनी जल्दी थी उसे
खुद को आधा छोड़ गया मुझमे❤️🩹
Enjoy Every Movement of life!
Bichadne ki itni jaldi thi use
Khud ko adha shod gya mujhmein❤️🩹
बिछड़ने की इतनी जल्दी थी उसे
खुद को आधा छोड़ गया मुझमे❤️🩹
चैन नही मिलता किसी को मेरा सुकून देखकर,
लड़ती है मुझसे नफरत मेरा जुनून देखकर,
बाहर आ जाती है मयान से खुद तलवारें भी,
मेरी बेगुनाह ख्वाहिशों का बहता खून देखकर...
अब कौन रोज़ रोज़ ख़ुदा ढूंढे,
जिसको न मिले वही ढूंढे ..
रात आयी है, सुबह भी होगी,
आधी रात में कौन सुबह ढूंढे..
जिंदगी है जी खोल कर जियो,
रोज़ रोज़ क्यों जीने की वजह ढूंढ़े..
चलते फिरते पत्थरों के शहर में,
पत्थर खुद पत्थरों में भगवान ढूंढ़े..
धरती को जन्नत बनाना है अगर,
हर शख्स खुद में पहले इंसान ढूंढे…!!!