Enjoy Every Movement of life!
कड़ी धूप हो या हो शीतकाल,
हल चलाकर न होता बेहाल.
रिमझिम करता होगा सवेरा,
इसी आस में न रोकता चाल.
खेती बाड़ी में जुटाता ईमान,
महान पुरूष हैं, है वो किसान.
छोटे-छोटे से बीज बोता,
वही एक बड़ा खेत होता.
जिसकी दरकार होती उसे,
बोकर उसे वह तभी सोता.
खेतो का कण-कण हैं जिसकी जान,
महान पुरूष है, है वो किसान.
तरुण चौधरी
Oh kithe jag da dar rakhde
Jo dard vi has k chunde ne..!!
Pyar jinna de haddi racheya
Oh na kise di sunde ne..!!
ਉਹ ਕਿੱਥੇ ਜੱਗ ਦਾ ਡਰ ਰੱਖਦੇ
ਜੋ ਦਰਦ ਵੀ ਹੱਸ ਕੇ ਚੁਣਦੇ ਨੇ..!!
ਪਿਆਰ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਹੱਡੀਂ ਰਚਿਆ
ਉਹ ਨਾ ਕਿਸੇ ਦੀ ਸੁਣਦੇ ਨੇ..!!
