तुम्हे देखा तुम्हे चाहा तुम्ही को दिल भी दे डाला
अब अरमान है इतना कि तुम मेरे सामने आओ
कुछ तुम कहो कुछ हम कहे इकरार हो जाए
मिट जाए सारी दूरियां और प्यार हो जाए………..
मैं तुम्हे तुमसे ज्यादा जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जानता हूं,
जो कहते नहीं वो आंखों से बता देते हो,
मैं तुम्हारी नजरों का हर इशारा जानता हूं
जानता हूं हाथ थाम कर चलना पसंद है तुम्हे,
फिर कांधे में सिर रखकर बैठना पसंद है तुम्हे,
पानी में लिखकर नाम अक्सर मिटा देते हो,
मेरे साथ रहने का तुम्हारा हर बहाना जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जनता हूं...