Enjoy Every Movement of life!
Gaira’n di te koi gl ni,
Apnea da shddeya saath likha
Kuch rul gye mere to,
Kuch geeta’n de saaz likha
अब कोई भी शायरी तुझे तड़पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
मौसम की हर बहारों से मांगा था !
मैंने तुझको टूटते तारों से मांगा था |
जुदा होके तू शायद ही जी पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
ख़ैर अब मैं भी तुझे भूल रहा हूं !
गलतियां सारी कबूल रहा हूं |
मेरी तस्वीरें तुझे बड़ा सताती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
