I wish my book of life was written in pencil … There are a few pages I would like to erase
I wish my book of life was written in pencil … There are a few pages I would like to erase
अपने जुल्फों के बादल से कभी दूर ना करना मुझे
जान मेरे पास जीने की वजह पहले ही बोहोत कम है।
अपनी बाहों की गर्माहट में मुझे हमेशा छुपा के रखना,जमाने को जवाब दे सकू इसके लिए वक्त भी कम है।
याद है मेरे हाथ के कट जाने पर तुमने कैसे मुझे अपनी ओर खींचा था ,अपनी प्यार भरी आंसू से मेरे लहू को रोका था।
तुमने बोला था न की महादेव से जो मांगो वो मिल जायेगा,साथ चलना चाहो तो रास्ता मिल जायेगा,मैने तेरी खुशियां मांगी थी,जब मंदिर की परिक्रमा कर रहे थे तब मैने तेरा दुपट्टा थाम लिया था, उन फेरो के बहाने तुम्हे अपना मान लिया था।
हा माना की मैं लिखता हु कभी तेरी याद में कभी तेरी फरयाद में,पर सच तो ये है की तुझे खोने से बोहोत डरता हूं।
मैं मुंह मोड़ लेता हु जो ये कहते है की मोहोब्बत दर्द देती है,कसम से तेरी पायल की खनक के लिए ये दर्द भी झेल लेता हूं।
और क्या हुआ जो मुस्किले है हम दोनो को एक होने में
तू इसी बात से डरती है न की रूखसती के वक्त कैसे संभलूंगा,तू चिंता न कर जन्नत में पहुंच कर तेरे लिया दुआ जरूर करूंगा।
ਸੁੱਕ ਗਏ ਰੁੱਖਾਂ ਦੇ ਪੱਤੇ
ਟੁੱਟ ਗਏ ਨੇ ਖ਼ੁਆਬ ਜੀ
ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੂੰ ਰੁਹੋ ਮਾਰਿਆ
ਉਹ ਵੀ ਲੈਂਦੇ ਤੇਰੇ ਖ਼ੁਆਬ ਜੀ
ਇੱਕ ਤੇਰੀ ਮਹੁੱਬਤ ਕਰਕੇ
ਦਿਵਾਨੇ ਸੂਲ਼ੀ ਉੱਤੇ ਚੜ੍ਹ ਗਏ
ਦੋਲਤ ਵਾਹ ਕੀ ਨਾਂ ਤੇਰਾ
ਤੇਰੇ ਲਈ ਤਾਂ ਆਪਣੇ ਆਪਣੀਆਂ ਤੋਂ ਲੱੜ ਮਰ ਗਏ
ਇੱਕ ਤੈਨੂੰ ਹੀ ਪਾਉਣ ਦੀ ਭੁੱਖ
ਮਿਟਦੀ ਨਾ ਤੈਨੂੰ ਪਾਕੇ ਬਈ
ਮੈਂ ਵੇਖ ਲਿਆ ਕਮਾਲ ਤੇਰਾ
ਅੱਜ ਕੱਲ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਜ਼ਮਾ ਕੇ ਬਈ