Kadi aa mil yaar pyaareyaa
saanu hizar tere na mareyaa
ਕਦੀ ਆ ਮਿਲ ਯਾਰ ਪਿਆਰਿਆ
ਸਾਨੂੰ ਹਿਜ਼ਰ ਤੇਰੇ ਨੇ ਮਾਰਿਆ
Kadi aa mil yaar pyaareyaa
saanu hizar tere na mareyaa
ਕਦੀ ਆ ਮਿਲ ਯਾਰ ਪਿਆਰਿਆ
ਸਾਨੂੰ ਹਿਜ਼ਰ ਤੇਰੇ ਨੇ ਮਾਰਿਆ
कब्र दर कब्र इक इश्तिहार जा रहा है,
अपना था कोई वो जो दूर जा रहा है,
मोहब्बत सही, इश्क सही, पास नहीं है अब,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
जो अपने थे वो चले गए....
हर वक्त आंसू पोंछने कोई पास आ रहा है,
मालूम है वो भी चला जायेगा फिर आंसू देकर,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
मतलबी, बेशर्म, बेईमान है दुनिया सारी
मालूम है की जीने नहीं देगी... देखो...
मेरी कब्र से भी मेरा इश्तिहार आ रहा है...
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
कंडो के साथ ही
तुमने मेरा प्रेम भी थापा,
उसे गोबर की तरह ढोया सिर पर,
घर से दूर ले जाकर,
खलिहान के किसी कोने में,
प्यार से, दुलार से,
पूचकार कर, आकार दिया,
धूप में सुखाया,
बारिश से बचाया बार बार पलटाया,
मैं और कंडे_ लायक बने,
तुम्हारे लिए जलने को_