चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
Enjoy Every Movement of life!
चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
Kon kehta ki sirf paa lena hi ishq hai
yaar ko khokar uski yaad me dube rehna bhi ishq hai..❤️
कौन कहता है कि सिर्फ पा लेना ही इश्क़ है
यार को खो कर उसकी याद में डूबे रहना भी इश्क़ है..❤️
