चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
Enjoy Every Movement of life!
चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
Har roj talashti hu khud ko
Hu shayad mein bhi yahi kahi
Milu gum shayad kisi khayal mein
Khojti hu khud ko khud hi ke swaal mein 🥀
हर रोज तलाशती हू खुद को ,
हू शायद मैं भी यहीं कहीं,
मिलु गुम शायद किसी ख्याल में,
खोजती हु खुद को खुदी के सवाल में,🥀
