चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।

Ik tarfi hi sahi mohobbat zari rahegi
Harenge nahi hum bazi hmari rahegi
Ladenge bidhenge girenge fir sikh bhi jayenge
Tujhse to haar kar bhi hum hi jeet jayenge ❤️
इक तर्फी ही सही मोहोब्बत जारी रहेगी
हारेगें नही हम बाजी हमारी रहेगी
लड़ेगे बिडेगे गिरेंगे फिर सीख भी जाएंगे
तुझसे तो हार कर भी हम ही जीत जाएंगे ❤️