चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
hamaaree tadap to kuchh bhee nahin hai hujur,
suna hai ki aapake didaar ke lie to aaina bhee tarasata hai…
हमारी तडप तो कुछ भी नहीं है हुजुर,
सुना है कि आपके दिदार के लिए तो आइना भी तरसता है…
Agar sahi tum to galat hum bhi nhi Aage badhe tum nhi to khade hain hum bhi vhi🍁
अगर सही तुम तो गलत हम भी नही। आगे बढ़े तुम नही तो खड़े हैं हम भी वहीं 🍁