चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
Enjoy Every Movement of life!
चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
मोहब्बत नही तो मोहब्बत को इंकार करो,
मैंने कब कहा की तुम भी मुझ पर ऐतबार करो,
खुदा की कसम नही देखेंगे तुम्हे कभी पलट कर जिंदगी भर,
मैंने कब कहा की तुम पीछे से मुझ पर वार करो
