चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
मेरे आँखों के ख्वाब, दिल के अरमान हो तुम,
तुम से ही तो मैं हूँ, मेरी पहचान हो तुम,
मैं ज़मीन हूँ अगर तो मेरे आसमान हो तुम,
सच मानो मेरे लिए तो सारा जहान हो तुम।
Ki zindagi ke bare mai sochna bhi ek alag andaaz hai😊
Takdir mai hame vo he milta hai🙏
Jo upper Wale ne likha hota hai❤️
कि जिंदगी के बारे में सोचना भी एक अलग अंदाज हैं😊
तकदीर मे हमे वो ही मिलता है🙏
जो उपर वाले ने लिखा होता हैं❤️