चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
Enjoy Every Movement of life!
चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
कुछ ख्वाहिशें तो कुछ नुमाहिशें हैं, चेहरे पर मुस्कुराहट फिर भी आंखों में बरिशें हैं न जाने कहां रूठ कर बैठा है वक्त मुझसे क्योंकि आज भी उसको पाने की खुदा से गुजारिशें हैं।
Byan nahi hota ab haal-e-dil humse
Tum samjh jao khud se to khuda ki rehmat samjhein hum..!!
बयान नहीं होता अब हाल-ए-दिल हमसे
तुम समझ जाओ खुद से तो खुदा की रहमत समझें हम..!!