चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।

isee baat se laga lena meree shoharat ka andaaja,
vo mujhe salaam karate hai jinhe tu salaam karatee hain…
इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा,
वो मुझे सलाम करते है जिन्हे तु सलाम करती हैं…