चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
Je teri mohobbat tenu sachi lagdi e
Taa sadi mohobbat nu dikhawe da naam kyu..!!
ਜੇ ਤੇਰੀ ਮੋਹੁੱਬਤ ਤੈਨੂੰ ਸੱਚੀ ਲੱਗਦੀ ਏ
ਤਾਂ ਸਾਡੀ ਮੋਹੁੱਬਤ ਨੂੰ ਦਿਖਾਵੇ ਦਾ ਨਾਮ ਕਿਉਂ..!!
Aaj labon tak aate aate jaam nashila foot gya!
Lagta hai jese hath kisi ka hath se mere shoot gya!
Kitni mannat mangi thi mene usko pane ki lekin!
Ek anjana sakhsh hi aakar usko mujse loot gya!!
आज लबों तक आते- आते जाम नशीला फूट गया!
लगता है जैसे हाथ किसी का हाथ से मेरे छूट गया!
कितनी मन्नत मांगी थी मैंने उसको पाने की लेकिन!
एक अनजाना शख्स ही आकर उसको मुझसे लूट गया!!