चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
Enjoy Every Movement of life!
चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
Ohna nu veham aa ki muh farn naal,
Onha bhul jaana saanu.
Hun kon samjave onha,
Ki ankhan band karn naal raat ni ho jaandi…
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻
