Skip to content

chehre te kujh galla te kujh || bebe baapu shayari

ਚੇਹਰੇ ਤੇ ਕੁਝ ਗੱਲਾਂ ਤੇ ਕੁਝ 

ਇਦਾਂ ਦੇ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਚ ਬੜੇ ਯਾਰ ਵੇਖੇ

ਮੈਂ ਥਾਂ ਥਾਂ ਤੇ ਬਦਲਦੇ ਹਰ ਇੱਕ ਦੇ ਪਿਆਰ ਵੇਖੇ

ਮੈਂ ਬਹੁਤਾ ਸਿਆਣਾਂ ਤਾਂ ਨੀਂ ਪਰ ਮੈਨੂੰ ਏਣਾ ਜ਼ਰੂਰ ਪਤਾ 

ਬੱਸ ਬੇਬੇ ਬਾਪੂ ਹੀ ਨੇ ਜੋਂ ਪਿਆਰ ਦਾ ਇਥੇ ਲਿਹਾਜ਼ ਵੇਖੇ

 

Chehre te koj gallan te koj

Idda de jindagi ch bade yaar vekhe

Main tha tha te bdaldey har ik de pyaar vekhe

Main bahuta siyanna ta ni par minu enna jarur pata ey

Bas bebe bapu hi ne jo pyaar da ithe lihaaj vekhe

—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ

 

 

Title: chehre te kujh galla te kujh || bebe baapu shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


ऊँट की गर्दन || akbar story

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: ऊँट की गर्दन || akbar story


Kisnu bayan kariye || true lines || dard shayari

Kive kahiye Kisnu byan kariye
Duniya di samjh to pare ne eh Dard awalle..!!

ਕਿਵੇਂ ਕਹੀਏ ਕਿਸਨੂੰ ਬਿਆਨ ਕਰੀਏ
ਦੁਨੀਆਂ ਦੀ ਸਮਝ ਤੋਂ ਪਰੇ ਨੇ ਇਹ ਦਰਦ ਅਵੱਲੇ..!!

Title: Kisnu bayan kariye || true lines || dard shayari