
Akhan ch saroor e enna..!!
Ik vaar dekha nazar na hatdi
Chehre utte noor e enna..!!


ajh fir dard ne sir uthayea hai
kise da cheta aayea hai
kaisa sanjog hai kudrat da
gaye diyaan yaadan ne, rishta wafa da nibhayea hai
है वो मेरी मोहब्बत की रूह, इसलिए पास मेरे वो रहती है..
मुझे पागल समझेगी ये दुनिया, तभी वो कुछ ना कहती है..
सुबह उठे साथ में वो मेरे, शाम आंखों के साथ वो ढलती है..
वो जी ना सकी जो साथ मेरे, तो मरके साथ में चलती है..
राहें तो बदल गयीं उसकी मगर, राहौं से मुडी वो रहती है..
मेरी रूह से जुडना है हक उसका, तभी साथ जुडी वो रहती है..
हर खुशी बांटती है मेरी, हर गम मेरे संग सहती है..
मुझे वो लगती है अपनी, और मुझे वो अपना कहती है….