
Dil saade ne kita ae saanu majboor bada
teriyaan yaadan vich ro ro k
apne aap nu hi kitaa choor choor bada

Dil saade ne kita ae saanu majboor bada
teriyaan yaadan vich ro ro k
apne aap nu hi kitaa choor choor bada
इस जीवन से जुड़ा एक सवाल है हमारा~
क्या हमें फिर से कभी मिलेगा ये दोबारा?
समंदर में तैरती कश्ती को मिल जाता है किनारा~
क्या हम भी पा सकेंगे अपनी लक्ष्य का किनारा?
जिस तरह पत्तों का शाखा है जीवन भर का सहारा~
क्या उसी तरह मेरा भी होगा इस जहां में कोई प्यारा?
हम एक छोटी सी उदासी से पा लेते हैं डर का अंधियारा~
गरीब कैसे सैकड़ों गालियां खा कर भी कर लेतें है गुजारा ?
जिस तरह आसमान मे रह जाते सूरज और चांद-तारा ~
क्या उस तरह रह पाएगा हमारी दोस्ती का सहारा ?
जैसे हमेशा चलती रहती है नदियों का धारा~
क्या हम भी चल सकेंगे अपनी राह की धारा ?
Besoorat ho gai haa ajh dil di kitaab farol ke
teri yaad da
har panna jalaun da khyaal hai
ਬੇਸੁਰਤ ਹੋ ਗਈ ਹਾਂ ਅੱਜ ਦਿਲ ਦੀ ਕਿਤਾਬ ਫਰੋਲ ਕੇ,
ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਦਾ
ਹਰ ਪੰਨਾ ਜਲਾਉਣ ਦਾ ਖਿਆਲ ਹੈ……😞