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Chup Di Awaaz || 2 lines in punjabi

Chup di awaaz nu oh jaane jis ne aapni awaaz nu khud, kade chup vich dabayea    howe

Chup di awaaz nu oh jaane
jis ne aapni awaaz nu khud,
kade chup vich dabayea howe


Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Life Poem: गमों में भी मुस्कुराना सीखिये

परवाह नहीं चाहें कहता रहें कोई भी हमें पागल दिवाना
हम क्यू बताए किसी कों के हम ज़ानते हैं गमो में भी मुस्कराना
 
ज़ान तक अपनीं लुटानी पड़ती हैं इश्क़ मे
ऐसें हीं नहीं लिख़ा ज़ाता मोहब्बत का अफ़साना
 
क़िसी लाश के पास खडी होती हैं सांस लेती लाशे
मुर्दां कौंन हैं,समझ़ ज़ाओ तो मुझ़े भी समझ़ाना
 
टाल मटोंल चल ज़ाती हैं अपने ज़रूरी कामो मे
पर मौंत सुनतीं नहीं किसी का कोईं भी ब़हाना
 
नूर ना हों ज़ाए एक़ एक़ बून्द अश्क की तो क़हना
कभीं मां बाप की ख़ातिर चन्द आंसू तो ब़रसाना
 
ज़ब किस्मत साथ नहीं देती दिल सें आदमी क़ा
तो मुश्कि़ल हो ज़ाता हैं दो वक्त क़ी रोटी भीं कमाना
 
जिन्दगीं मे बहुत ज्यादा ज़रूरी हैं ये सीख़ना
क्या क्या राज़ हैं हमे,अपनी रूह मे छिपाना
 
कितनें हम गलत हैं और क़ितने हैं हम सहीं
सुन लेना कभीं चुपकें से,बाते क़रता है ख़ुलेआम ये ज़माना
 
हर गलती माफ क़र देता हैं ऊपरवाला दयालु भगवान्
पर गलतीं से भी कभीं ना तुम क़िसी गरीब को रुलाना
 
गए वक्त नहीं हैं हम ज़ो लौट क़र ना आ सके

वक्तें-ज़रूरत ए दोस्त कभीं तुम नीरज़ को आज़माना

Title: Life Poem: गमों में भी मुस्कुराना सीखिये


Neend bechaini si katt ti rahi

नींद बेचैनी से कटती रही

ख्वाब कोहरे मे छुपती रही

तेरी आवाज़ से मैं अनसुनी रही

तु मिला न कही मंज़िलों पे

मैं भटकती भटकती

तुझे ढूंढती रही

तेरा मेरा रिश्ता इन

काग़ज़ों पे खत्म हो गया

साथ तेरा मेरा युं सिमट सा गया

जैसे चार दिवारी में बंध सा गया 

तेरी बातों को मैं याद करता

तेरी हँसी को मैं याद करता

हमारे उन्ही हसीन पलो को

हररोज सजाया करता

Title: Neend bechaini si katt ti rahi