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CHUP DI JUBAAN

Eh jaroori nahi ke samjhan lai mere likhe shabdaan nu hi samajhi chup di v jubaan hundi e

Eh jaroori nahi ke samjhan lai
mere likhe shabdaan nu hi samajhi
chup di v jubaan hundi e


Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


अकबर और बीरबल की पहली मुलाक़ात || akbar birbal story

एक बार अकबर अपने साथियों के साथ जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए जंगल में चला गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। थके हुए और प्यासे होने पर, उन्होंने पास के गाँव में जाने का फैसला किया और महेश दास नाम के एक युवा स्थानीय लड़के से मिले, जो तुरंत उनकी मदद करने के लिए तैयार हो गया।

लड़के को पता नहीं था कि अकबर कौन था, इसलिए जब अकबर ने छोटे लड़के से पूछा कि उसका नाम क्या है तो उसने उससे जिरह किया। उनके आत्मविश्वास और चतुराई को देखकर अकबर ने उन्हें एक अंगूठी दी और बड़े होने पर उनसे मिलने को कहा। बाद में लड़के को एहसास हुआ कि यह एक शाही अंगूठी थी और वह हाल ही में सम्राट अकबर से मिला था। 

कुछ वर्षों के बाद जब महेश दास बड़े हुए तो उन्होंने अकबर के दरबार में जाने का फैसला किया। वह दरबार में एक कोने में खड़ा था जब अकबर ने अपने अमीरों से पूछा कि उन्हें कौन सा फूल पृथ्वी पर सबसे सुंदर फूल लगता है। किसी ने उत्तर दिया गुलाब, किसी ने कमल, किसी ने चमेली लेकिन महेश दास ने सुझाव दिया कि उनकी राय में यह कपास का फूल है। पूरा दरबार हँसने लगा क्योंकि कपास के फूल गंधहीन होते हैं। इसके बाद महेश दास ने बताया कि कपास के फूल कितने उपयोगी होते हैं क्योंकि इस फूल से पैदा होने वाली कपास का उपयोग गर्मियों के साथ-साथ सर्दियों में भी लोगों के लिए कपड़े बनाने के लिए किया जाता है।

अकबर उत्तर से प्रभावित हुआ। तब महेश दास ने अपना परिचय दिया और सम्राट को वह अंगूठी दिखाई जो उन्होंने वर्षों पहले दी थी। अकबर ने ख़ुशी-ख़ुशी उन्हें अपने दरबार में एक रईस के रूप में नियुक्त किया और महेश दास को बीरबल के नाम से जाना जाने लगा।

Title: अकबर और बीरबल की पहली मुलाक़ात || akbar birbal story


Kise kone ch beh ke || Punjabi shayari sad maut for baapu

ਕਿਸੇ ਕੋਣੇ ਚ ਬਹਿ ਕੇ ਆਪਣੇ ਮਨ ਨੂੰ ਸਮਝਾ ਲੈਣੀ ਆ ਮੈ
ਤੇਰੀ ਫੋਟੋ ਵੱਲ ਵੇਖ ਕੇ ਉਹਨੂੰ ਘੁੱਟ ਸਿਨੇ ਨਾਲ ਲਾ ਲੈਣੀ ਆ ਮੈ
ਪਤਾ ਐ ਬਾਪੂ ਹੁਣ ਤੂੰ ਵਾਪਿਸ ਮੁੜ ਨਾ ਨੀ
ਕੱਲੀ ਬੈਠ ਕੇ ਇਹ ਗੱਲ ਵਿਚਾਰ ਲੈਣੀ ਆ ਮੈ
ਜਦ ਤੂੰ ਨੀ ਰਿਹਾ ਬਾਪੂ ਤਾ ਫਿਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਕਿਸ ਕੰਮ ਦੀ
ਹੁਣ ਤਾ ਬਸ ਮੌਤ ਨੂੰ ਹੀ ਪੁਕਾਰ ਲੈਣੀ ਆ ਮੈ….

Title: Kise kone ch beh ke || Punjabi shayari sad maut for baapu