कभी थकन के असर का पता नहीं चलता
वो साथ हो तो सफ़र का पता नहीं चलता
वही हुआ कि मैं आँखों में उसकी डूब गया
वो कह रहा था भँवर का पता नहीं चलता
उलझ के रह गया सैलाब कुर्रए-दिल से
नहीं तो दीदा-ए-तर का पता नहीं चलता
उसे भी खिड़कियाँ खोले ज़माना बीत गया
मुझे भी शामो-सहर का पता नहीं चलता
ये मंसबो का इलाक़ा है इसलिए शायद
किसी के नाम से घर का पता नहीं चलता
Dukhi shera nu sunda har koi
sukhi sheyar chheti kade sale nahi hunde
je ji kita taa ithe mil lai
suneiaa siviyaa ch kade male nai hunde
ਦੁਖੀ ਸ਼ੇਅਰਾ ਨੂੰ ਸੁਣਦਾ ਹਰ ਕੋਈ
ਸੁਖੀ ਸ਼ਿਅਰ ਛੇਤੀ ਕਦੇ ਸੇਲ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ
ਜੇ ਜੀ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਇੱਥੇ ਮਿਲ ਲੀ
ਸੁਣਿਆ ਸਿਵਿਆ ਚ ਕਦੇ ਮੇਲ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ। akash