Skip to content

CHUP DI JUBAAN

Eh jaroori nahi ke samjhan lai mere likhe shabdaan nu hi samajhi chup di v jubaan hundi e

Eh jaroori nahi ke samjhan lai
mere likhe shabdaan nu hi samajhi
chup di v jubaan hundi e


Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Uski Tareef Main chand Alfaaz || love hindi shayari

Uska chand sa Noorani chehra dekhne se, Meri subah main bhi ho jaati raat. 
Insaano main wo shaamil na hoti, Fariston jesi thi usme kuch baaat. 
Sukhi sukhi dukh bhaari zameen main bhi, khushiyon ki toofani baarish hoti jab hoti wo mere saath. ❤️

उसका चाँद सा नूरानी चेहरा देखने से, मेरी सुबह मेंभी हो जाती रात
इंसानों में वो शामिल न होती, फरिश्तों जैसी थी उसमें कुछ बात
सूखी सूखी दुख भरी ज़मीन में भी
खुशियों की तूफानी बारिश होती जब होती वो मेरे साथ❤️

Title: Uski Tareef Main chand Alfaaz || love hindi shayari


Camel ki gardan || akbar birbal kahani

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: Camel ki gardan || akbar birbal kahani