
jihnu byaan karn lai saadhiyaan akhaan
hungaara na bharn

जा रहा हूं जिंदगी से अब न लौट के आऊंगा
न कोई चिराग अब जलाऊंगा,न कोई अंधेरा मिटाऊंगा
जो रह गई याद तो उसे नदियों में बहाऊंगा
जो मिल गए राहों में तो रस्ता बदल जाऊंगा
बांधा था जिस रिश्ते से वो रिश्ता तोड़ जाऊंगा
नीर भरे नयनों में एक तड़प छोड़ जाऊंगा
कीचड़ ही सही एक दिन कमल बन खिल जाऊंगा
जा रहा हूं जिंदगी से अब न लौट के आऊंगा
Mukki reejh tamanna koi rakhne di
Khuab udde asmani mere dhool ban ke..!!
Baki reha na kuj mere andar hun bas
Teri yaad seene khubh gayi e sool ban ke..!!
ਮੁੱਕੀ ਰੀਝ ਤਮੰਨਾ ਕੋਈ ਰੱਖਣੇ ਦੀ
ਖ਼ੁਆਬ ਉੱਡੇ ਅਸਮਾਨੀਂ ਮੇਰੇ ਧੂਲ ਬਣ ਕੇ..!!
ਬਾਕੀ ਰਿਹਾ ਨਾ ਕੁਝ ਮੇਰੇ ਅੰਦਰ ਹੁਣ ਬਸ
ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਸੀਨੇ ਖੁੱਭ ਗਈ ਏ ਸੂਲ ਬਣ ਕੇ..!!