
jihnu byaan karn lai saadhiyaan akhaan
hungaara na bharn

ना हुस्न से, ना सूरत से, ना तेरी अदाओं से दिल बेचैन है…
तेरे जिस्म का घायल करने वाला हिस्सा, तो सिर्फ़ तेरे नैन हैं..
देखा जो तूने, लगा लहरों पे चलती, ठंडी हवाओं का झोंका है..
क्या समझ इस इशारे में, कुछ था, या मेरी नजरों का धोखा है..
अब ना दिन में चैन है, ना रातों को सुकून मिलता है..
क्या तुझे लगता है, के किसी रांझे से मेरा खून मिलता है..??
अब तू ही सुलझा ये गुत्थी, जो मेरे ज़हन में चल रही है..
क्या ये आग ठीक है, प्यार की, जो मेरे सीने में जल रही है..?
ਓਹ ਏਣਾ ਚਲਾਕ ਸੀ ਓਹਣੇ ਹਰ ਗਲ਼ ਤੇ ਦਿਮਾਗ ਲਾਇਆ
ਗੱਲਾਂ ਗੱਲਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਓਹਣੇ ਕਈ ਵਾਰ ਮੈਨੂੰ ਅਜ਼ਮਾਇਆ
ਏਹ ਚਲਾਕੀਆਂ ਓਹਦੀਆਂ ਦਾ ਕੀ ਕੇਹਣਾ
ਕਰ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਓਹਦੇ ਤੇ ਮੈਂ ਹਰ ਵਾਰ ਧੋਖਾ ਖਾਇਆ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷