
jihnu byaan karn lai saadhiyaan akhaan
hungaara na bharn
Enjoy Every Movement of life!

उसकी जुल्फों से छाँव हुई, दिल धूप में बड़ा बेचैन सा था..
ठोकर लगी फिर भी नहीं हटी नजर, वो जादू उसके नैन का था..
उसके हुस्न में डूब के हम, कुछ इस कदर उसके हो गए..
आज सोचता हूं सिर पीट के मैं, जीवन कितना सुख-चैन सा था..
इस संसार में…
सभी के लिए प्रेम की अपनी – अपनी शक्लें हैं,
मेरे लिए प्रेम की शक्ल हुबहू ठीक
तुम्हारे जैसी है…🥀