दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
Badlati raahon se ruthkar humne, aana jana shod diya..
Ab kaanto se ghire in foolon se, dil lgana shod diya..
Zehar se ishq se tauba kar li, bhara paimana tod diya..
Ab bewafa ishq ki galiyon mein, mohobbat aajmana shod diya….🙌
बदलती राहों से रूठकर हमने, आना जाना छोड़ दिया..
अब कांटों से घिरे इन फूलों से, दिल लगाना छोड़ दिया..
ज़हर से इश्क से तौबा कर ली, भरा पैमाना तोड़ दिया..
अब बेवफा इश्क की गलियों में, मोहब्बत आजमाना छोड़ दिया….🙌
Didaar di talab howe taan nazraan tikaa ke rakhi
Kyuki “nakaab” howe ja “naseeb” sarakda jaroor aa
ਦੀਦਾਰ ਦੀ ਤਲਬ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਟਿਕਾ ਕੇ ਰੱਖੀਂ,
ਕਿਉਂਕਿ “ਨਕਾਬ” ਹੋਵੇ ਜਾਂ “ਨਸੀਬ” ਸਰਕਦਾ ਜਰੂਰ ਆ.. ॥