दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
क्या क्या तेरे नाम लिखूं
दिल लिखूं की जान लिखूं🥀
आंसू चुराके तेरी प्यारी आंखों से
अपनी हर खुशी तेरे नाम लिखूं😍
बसा ले नज़र में सूरत तुम्हारी,
दिन रात इसी पर हम मरते रहें,🥰
खुदा करे जब तक चले ये साँसे हमारी,
हम बस तुमसे ही प्यार करते रहें ॥😘
