दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
Enjoy Every Movement of life!
दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
फूल…
महकती हुई जिन्दगी बांटते हैं
ज़माने में सबको ख़ुशी बांटते हैं
भले उनकी किस्मत में कांटे लिखे हों
मगर फूल हमको हंसी बांटते हैं
ਹਸਦੇ ਰਿਹਾ ਕਰੋ ਉਦਾਸ ਲੋਕਾ ਨੂੰ ਹਮਦਰਦ ਤਾ ਮਿਲ ਸਕਦੇ ਨੇ ਪਰ ਹਮਸਫਰ ਨਹੀ !😊
Hasde rahya kro udass loka nu hamdard ta mil skde ne par hamsafar nhi !😊
