दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
Enjoy Every Movement of life!
दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
दिल की आवाज ना सुनी उसने मेरी,
खोया किसी और में था,
धोका दिया उसने हमें,
वो प्यार किसी ओर का था।
Shayad mein hi galat hoon, jo log mujhe sahi karne mein lge hein,
Jo kam meri zindagi tabaah kar de, wahi karne mein lge hein.
शायद मैं ही ग़लत हूं जो लोग मुझे सही करने में लगे हैं,
जो काम मेरी ज़िन्दगी तबाह कर दे, वही करने में लगे हैं।
