दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
Enjoy Every Movement of life!
दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
Kiya tum ne adhura pyaar
Me toh nibhana chahta tha
Kayer nahi tha main
Dhoke tere ne shayar bana diya
Main toh shayari se wakif nahi tha
Bhut mashruf ho shayad, jo hum ko bhool bethe ho,
Na ye pucha kaha pe ho, na yeh jana ke kaise ho💔
बहुत मशरूफ हो शायद, जो हम को भूल बैठे हो,
न ये पूछा कहाँ पे हो, न यह जाना कि कैसे हो।💔
