दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
Enjoy Every Movement of life!
दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞

chen udh gya dil da
naa neend rahi raatan di
tu kaisa rog la dita
aadat pe gai
teriyaan yaadan di, mulakaatan di
Shaakh se toote patte sa ho gya hoon mein
Kisi ne smeta bhi to jalane k liye..!!
शाख से टूटे पत्तों सा हो गया हूँ मैं
किसी ने समेटा भी तो जलाने के लिए..!!
