दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
Enjoy Every Movement of life!
दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
कुछ खास जादू नहीं है शायरों के पास,
बस बातें दिल से निकलती हैं और दिल तक पहुँचती हैं…♥️
रखना है तो दिल में रखना इस मोहब्बत भरे चेहरे को,
ये वो चेहरा है जो रास्ते पर कभी नजर नहीं आता,
नज़र आते है गुलदस्ते कई जब गलियों में गुजरता हूं,
मै उन गुलदस्तों के लिए रास्ते पर कभी नज़र नहीं आता,
नजरबंद कर लेता हूं रास्ते सारे, दोस्तों के इंतेज़ार में,
यारों के अलावा रास्तों पर मुझे कोई नज़र नहीं आता....
