दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
Har or uljhan aur khamoshiyon ka shor hai
Ankhon mein dhua aur sanson mein gubar bhara hai
Bheed ke tamaam chehro par muskan to bani hai
Lekin dilon mein zakham jada aur sukun zara hai 🙃💯
हर ओर उलझन और खामोशियों का शोर है
आँखों में धुँआ और साँसों में गुबार भरा है
भीड़ के तमाम चेहरों पर मुस्कान तो बनी है
लेकिन दिलों में ज़ख्म ज्यादा और सुकून जरा है 🙃💯
Tu hi ikk hor zind da Sahara koi na
Sanu tere bina sajjna gawara koi na❤️..!!
ਤੂੰ ਹੀ ਇੱਕ ਹੋਰ ਜ਼ਿੰਦ ਦਾ ਸਹਾਰਾ ਕੋਈ ਨਾ
ਸਾਨੂੰ ਤੇਰੇ ਬਿਨਾਂ ਸੱਜਣਾ ਗਵਾਰਾ ਕੋਈ ਨਾ❤️..!!