दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
Enjoy Every Movement of life!
दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
Asin aashiq nahi si jado naal si oh,
ohdi yaad ne aashiq bna dita,
ASiN ni marna si naal talvara de,
Jadon saal baad mili
ohdi akh naal akkh de vaar ne muka ditta…?”
मेरी सारी रातें तुम्हारी, मेरा हर दिन तुम्हारा।
मेरी सारी बातें तुम्हारी, मेरा हर क्षण तुम्हारा।
प्यार की सारी नगमे तुम्हारी, मेरा कतरा – कतरा अब हुआ तुम्हारा।
जाहिर है अब ये प्यार मेरा, बाकी अब है फैसला तुम्हारा। – ईशान कुमार वत्स
