दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
Enjoy Every Movement of life!
दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞

Pyar de kosh ch “mein” nhi hundi
Jithe “mein” howe othe pyar nhi hunda..!!
ਪਿਆਰ ਦੇ ਕੋਸ਼ ‘ਚ “ਮੈਂ” ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ
ਜਿੱਥੇ “ਮੈਂ” ਹੋਵੇ ਉੱਥੇ ਪਿਆਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ..!!
