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Dhokha || hindi shayari || sad shayari

Tumhe picha shudana hai mujse
Jao aazad karta hoon
Tumhare khayalon mein aakar
Na ab tumhe barbaad karta hoon
Tumhe har cheez lauta di maine
Jo tumne di thi mujko
Par tumne dhokha jo diya muje
Use tumko lautane se darta hoon!!

तुम्हें पीछा छुड़ाना है मुझसे
जाओ आजाद करता हूँ।
तुम्हारे खयालों में आकर 
न अब तुम्हें बर्बाद करता हूँ।
तुम्हें हर चीज लौटा दी मैंने
जो तुमने दी थी मुझको।
पर तुमने धोखा जो दिया था मुझे
उसे तुमको लौटाने से डरता हूँ।

Title: Dhokha || hindi shayari || sad shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Dukh vandaun layi || two line shayari || Punjabi status

Dukh vandaun layi ek hi sakhsh kaafi hunda,
Mehfila taan bas tamasheyan lyi hundiya ne..🙌

ਦੁੱਖ ਵੰਡਾਉਣ ਲਈ ਇੱਕ ਹੀ ਸ਼ਖਸ ਕਾਫੀ ਹੁੰਦਾ,
ਮਹਿਫਿਲਾਂ ਤਾਂ ਬਸ ਤਮਾਸ਼ਿਆਂ ਲਈ ਹੁੰਦੀਆਂ ਨੇ !!🙌

Title: Dukh vandaun layi || two line shayari || Punjabi status


AADMI EK || akbar birbal kahani hindi

एक बार अकबर और बीरबल बागीचे में बैठे थे। अचानक अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या तुम किसी ऐसे इन्सान को खोज सकते हो जिसमें अलग-अलग बोली बोलने की खूबी हों?

बीरबल ने कहा, क्यों नहीं, मै एक आदमी जानता हूँ जो तोते की बोली बोलता है, शेर की बोली बोलता है, और गधे की बोली भी बोलता है। अकबर इस बात को सुन कर हैरत में पड़ गए। उन्होने बीरबल को कहा किअगले दिन उस आदमी को पेश किया जाये।

बीरबल उस आदमी को अगले दिन सुबह दरबार में ले गए। और उसे एक छोटी बोतल शराब पीला दी। अब हल्के नशे की हालत में शराबी अकबर बादशाह के आगे खड़ा था। वह जानता था की दारू पी कर आया जान कर बादशाह सज़ा देगा। इस लिए वह गिड़गिड़ाने लगा। और बादशाह की खुशामत करने लगा। तब बीरबल बोले की हुज़ूर, यह जो सज़ा के डर से बोल रहा है वह तोते की भाषा है।

उसके बाद बीरबल ने वहीं, उस आदमी को एक और शराब की बोतल पिला दी। अब वह आदमी पूरी तरह नशे में था। वह अकबर बादशाह के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया। उसने कहा कि आप नगर के बादशाह हैं तो क्या हुआ। में भी अपने घर का बादशाह हूँ। मै यहाँ किसी से नहीं डरता हूँ।

बीरबल बोले कि हुज़ूर, अब शराब के नशे में निडर होकर यह जो बोल रहा है यह शेर की भाषा है।

अब फिर से बीरबल ने उस आदमी का मुह पकड़ कर एक और बोतल उसके गले से उतार दी। इस बार वह आदमी लड़खड़ाते गिरते पड़ते हुए ज़मीन पर लेट गया और हाथ पाँव हवा में भांजते हुए, मुंह से उल-जूलूल आवाज़ें निकालने लगा। अब बीरबल बोले कि हुज़ूर अब यह जो बोल रहा है वह गधे की भाषा है।

अकबर एक बार फिर बीरबल की हाज़िर जवाबी से प्रसन्न हुए, और यह मनोरंजक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होने बीरबल को इनाम दिया।

Title: AADMI EK || akbar birbal kahani hindi