Ih kujjj ni hunda pyaar
Dhokha milda jo krda aetbaar
Ih kujjj ni hunda pyaar
Dhokha milda jo krda aetbaar
Na sochiyega
Kabhi aapki fikar krenge kisi se aapka zikar krenge zikar kya juban par naam nhi ykeen maniye isse badhkar koi intkaam nhi
न सोचिएगा
कभी आप की फिक्र करेंगे किसी से आपका ज़िक्र करेंगे ज़िक्र क्या जुबां पर नाम नही यकीन मानिए इस से बढ़ कर इंतकाम नही
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।