ki paya ishq ch
hanjuaa ton bgair
sajjan taa mileyaa ni
haasil ki kita dhokhe ton begair
ਕੀ ਪਾਯਾ ਇਸ਼ਕ ਚ
ਹੰਜੂਆ ਤੋਂ ਬਗੈਰ
ਸਜਣ ਤਾਂ ਮਿਲਿਆਂ ਨੀਂ
ਹਾਸਿਲ ਕੀ ਕਿਤਾ ਦੋਖੇ ਤੋਂ ਬਗੈਰ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
ki paya ishq ch
hanjuaa ton bgair
sajjan taa mileyaa ni
haasil ki kita dhokhe ton begair
ਕੀ ਪਾਯਾ ਇਸ਼ਕ ਚ
ਹੰਜੂਆ ਤੋਂ ਬਗੈਰ
ਸਜਣ ਤਾਂ ਮਿਲਿਆਂ ਨੀਂ
ਹਾਸਿਲ ਕੀ ਕਿਤਾ ਦੋਖੇ ਤੋਂ ਬਗੈਰ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
ना मंजिल रही ना रास्ता रहा
ये कैसी उलझन में डाल दिया
ना मिल पा रहे है ना दूर जा रहे है
ये कैसे वहम में हमको डाल दिया
राजनीति की दुनिया में खेल बहुत है,
कोई जीता है, कोई हारा है।
सत्ता की भूख और वाद-विवाद,
मन में जलती चिंगारी है।
राजनेताओं की रंगीन छलावा,
जनता को वहमों में बँधाता है।
कुछ वादे खाली और कुछ झूले धूले,
आम आदमी को खोखला बनाता है।
वाद-विवाद के आगे सच्चाई छिपती,
लोकतंत्र की मूल्यों पर भारी है।
शोर और तामझाम में खो गई है,
सम्मान, सद्भाव और आदर्शि है।
नीतिबद्धता और समर्पण की कमी,
राजनीति को कर रही है मिट्टी।
सच्ची सेवा की बजाए प्रतिष्ठा,
हौसले को तोड़ रही है मिट्टी।
चाहे जितना बदले युगों का सफ़र,
राजनीति का रंग हर बार वही।
प्रशासनिक शक्ति की लालसा में,
जनता भूल जाती है खुद को वही।