सोलह बसंत पार हुए तो बेटी स्यानी हो जाती है!
गाँव,घर,गली,मुहल्ले मे एक कहानी हो जाती है!
ध्यान से रखना आप सब इस अनमोल रत्न को!
पांव गर फिसले तो मुश्किल जिंदगानी हो जाती है!!
हर्ष ✍️
सोलह बसंत पार हुए तो बेटी स्यानी हो जाती है!
गाँव,घर,गली,मुहल्ले मे एक कहानी हो जाती है!
ध्यान से रखना आप सब इस अनमोल रत्न को!
पांव गर फिसले तो मुश्किल जिंदगानी हो जाती है!!
हर्ष ✍️
वफ़ा के शीश महल में सजा लिया मैनें ,
वो एक दिल जिसे पत्थर बना लिया मैनें,
ये सोच कर कि न हो ताक में ख़ुशी कोई ,
ग़मों कि ओट में ख़ुद को छुपा लिया मैनें,
कभी न ख़त्म किया मैं ने रोशनी का मुहाज़ ,
अगर चिराग़ बुझा, दिल जला लिया मैनें,
कमाल ये है कि जो दुश्मन पे चलाना था ,
वो तीर अपने कलेजे पे खा लिया मैनें |
ਮੈਂ ਤੇਰਾਂ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰਾਂਗਾ ਤੂੰ ਮੇਰਾ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰੀਂ
ਥੋੜਾ ਰਖ ਕੇ ਖਿਆਲ ਮੇਰਾ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਨਾਲ ਨਾ ਪਆਰ ਕਰੀਂ ਹਰ ਵਕਤ ਲੋਕ ਬਦਲ ਦੇ ਨੇ ਤੈਨੂੰ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਪਰਖ਼ ਨਹੀਂ
ਇਥੇ ਗ਼ਲਤ ਸਹੀ ਲਗਦੇ ਨੇ ਸਹੀ ਲਗਦੇ ਨਹੀਂ ਸਹੀ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷