सोलह बसंत पार हुए तो बेटी स्यानी हो जाती है!
गाँव,घर,गली,मुहल्ले मे एक कहानी हो जाती है!
ध्यान से रखना आप सब इस अनमोल रत्न को!
पांव गर फिसले तो मुश्किल जिंदगानी हो जाती है!!
हर्ष ✍️
सोलह बसंत पार हुए तो बेटी स्यानी हो जाती है!
गाँव,घर,गली,मुहल्ले मे एक कहानी हो जाती है!
ध्यान से रखना आप सब इस अनमोल रत्न को!
पांव गर फिसले तो मुश्किल जिंदगानी हो जाती है!!
हर्ष ✍️
ithe lok nibhaunde bahut ghat ne
ajmaa ke vekh chadd jande ne saare
yaariyaa pyaar dhokha ki hunda
la taa lainde aa hashar jande hoye v saare
ਇਥੇ ਲੋਕ ਨਿਭਾਉਂਦੇ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਨੇ
ਅਜ਼ਮਾ ਕੇ ਵੇਖ ਛੱਡ ਜਾਂਦੇ ਨੇ ਸਾਰੇ
ਯਾਰੀਆਂ ਪਿਆਰ ਧੋਖਾ ਕੀ ਹੁੰਦਾ
ਲਾ ਤਾਂ ਲੈਂਦੇ ਆ ਹਸ਼ਰ ਜਾਣਦੇ ਹੋਏ ਵੀ ਸਾਰੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ
तेरी आंखों में छिपे ख्वाब पूरे करने हैं,
तेरे दिल के जज़्बात पूरे करने हैं,
तेरे होठों की हसीं को यूं ही बरकरार रखना है,
तेरी ख्वाइशों को पलकों पर सजना है,
होने नहीं देनी आंखे तेरी नम,
तेरे कदमों को फलक तक ले जाना है ,
अभी तो तुझे बहुत चाहना है।।