सोलह बसंत पार हुए तो बेटी स्यानी हो जाती है!
गाँव,घर,गली,मुहल्ले मे एक कहानी हो जाती है!
ध्यान से रखना आप सब इस अनमोल रत्न को!
पांव गर फिसले तो मुश्किल जिंदगानी हो जाती है!!
हर्ष ✍️
Enjoy Every Movement of life!
सोलह बसंत पार हुए तो बेटी स्यानी हो जाती है!
गाँव,घर,गली,मुहल्ले मे एक कहानी हो जाती है!
ध्यान से रखना आप सब इस अनमोल रत्न को!
पांव गर फिसले तो मुश्किल जिंदगानी हो जाती है!!
हर्ष ✍️
Nazraan nazraan da farak aa sajhna
Kise nu zehar lagde aa te kise nu shehad
ਨਜ਼ਰਾਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਦਾ ਫਰਕ ਆ ਸੱਜਣਾ
ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਜ਼ਹਿਰ ਲਗਦੇ ਆਂ ਤੇ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਸ਼ਹਿਦ
