सोलह बसंत पार हुए तो बेटी स्यानी हो जाती है!
गाँव,घर,गली,मुहल्ले मे एक कहानी हो जाती है!
ध्यान से रखना आप सब इस अनमोल रत्न को!
पांव गर फिसले तो मुश्किल जिंदगानी हो जाती है!!
हर्ष ✍️
सोलह बसंत पार हुए तो बेटी स्यानी हो जाती है!
गाँव,घर,गली,मुहल्ले मे एक कहानी हो जाती है!
ध्यान से रखना आप सब इस अनमोल रत्न को!
पांव गर फिसले तो मुश्किल जिंदगानी हो जाती है!!
हर्ष ✍️
Jab tak thi jaan vo mere sath khade rahe..halke se pair dagmgaye vo mujhse door ja khade huye😔😔😔
जब तक थी जान वो मेरे साथ खड़े रहे, हलके से पैर डगमगाए वो मुझसे दूर जा खड़े हुए😔😔😔
saanche mein kisee aur kee muhabbat ke hamane,
khud ko kabhee dhalane nahin diya,
aankhon ko aaj bhee tera intajaar hai ki gulaal kisee ko malane nahin diya..
साँचे में किसी और की मुहब्बत के हमने, खुद को कभी ढलने नहीं दिया,
आँखों को आज भी तेरा इन्तजार है कि गुलाल किसी को मलने नहीं दिया..