bahrli dhup da sek nahi andarli agg sataundi aa
disde aa bahro shaant andar roj sunami aundi aa
ਬਾਹਰਲੀ ਧੁੱਪ ਦਾ ਸੇਕ ਨਹੀਂ ਅੰਦਰਲੀ ਅੱਗ ਸਤਾਉਂਦੀ ਏ ..
ਦਿਸਦੇ ਆ ਬਾਹਰੋਂ ਸ਼ਾਂਤ ਅੰਦਰ ਰੋਜ ਸੁਨਾਮੀ ਆਉਂਦੀ ਏ ..
bahrli dhup da sek nahi andarli agg sataundi aa
disde aa bahro shaant andar roj sunami aundi aa
ਬਾਹਰਲੀ ਧੁੱਪ ਦਾ ਸੇਕ ਨਹੀਂ ਅੰਦਰਲੀ ਅੱਗ ਸਤਾਉਂਦੀ ਏ ..
ਦਿਸਦੇ ਆ ਬਾਹਰੋਂ ਸ਼ਾਂਤ ਅੰਦਰ ਰੋਜ ਸੁਨਾਮੀ ਆਉਂਦੀ ਏ ..

खो गई थी धड़कनें जो कहीं
वो वापस ले आया हूं मैं,
थोड़ी ठीक है थोड़ी ज़ख्मी हैं
फिर भी वापस ले आया हूं मैं,
क्या बातें थी याद करो तो दिल बैठ गया,
कदम लड़खड़ाते रहे, वो पल याद आते रहे,
आज बहकते बहकते ही सही,
खुद को वापस ले आया हूं मैं,
हाथ ज़ख्मों पर हैं,
और ज़ख्म धड़कनों पर,
बाजी पलटती रही,
हम धड़कनें लगाते रहे ज़ख्मों पर,
थोड़ी देर और सही,
आज शाम नहीं कल की सवेर सही,
घर तो लौट आया हूं मैं,
देखो खुदको वापस ले आया हूं मैं.....