bahrli dhup da sek nahi andarli agg sataundi aa
disde aa bahro shaant andar roj sunami aundi aa
ਬਾਹਰਲੀ ਧੁੱਪ ਦਾ ਸੇਕ ਨਹੀਂ ਅੰਦਰਲੀ ਅੱਗ ਸਤਾਉਂਦੀ ਏ ..
ਦਿਸਦੇ ਆ ਬਾਹਰੋਂ ਸ਼ਾਂਤ ਅੰਦਰ ਰੋਜ ਸੁਨਾਮੀ ਆਉਂਦੀ ਏ ..
bahrli dhup da sek nahi andarli agg sataundi aa
disde aa bahro shaant andar roj sunami aundi aa
ਬਾਹਰਲੀ ਧੁੱਪ ਦਾ ਸੇਕ ਨਹੀਂ ਅੰਦਰਲੀ ਅੱਗ ਸਤਾਉਂਦੀ ਏ ..
ਦਿਸਦੇ ਆ ਬਾਹਰੋਂ ਸ਼ਾਂਤ ਅੰਦਰ ਰੋਜ ਸੁਨਾਮੀ ਆਉਂਦੀ ਏ ..
Ki khateyaa ve asi pyaar karke
akhaan tere naal yaara ve me chaar karke
tainu diti e jubaan aakhri saah tak karunga pyaar
preet bhawe bhulegi tu ko ikraar karke
ਕੀ ਖੱਟਿਆ ਵੇ ਅਸੀ ਪਿਆਰ ਕਰਕੇ
ਅੱਖਾਂ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਯਾਰਾਂ ਵੇ ਮੈਂ ਚਾਰ ਕਰਕੇ
ਤੈਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਏ ਜੁਬਾਨ ਆਖਰੀ ਸਾਹ ਤੱਕ ਕਰੂਗਾ ਪਿਆਰ
ਪ੍ਰੀਤ ਭਾਵੇਂ ਭੁੱਲਗੀ ਤੂੰ ਕੌਲ ਇਕਰਾਰ ਕਰਕੇ
ਭਾਈ ਰੂਪਾ
चलेगी जब तेरी यादों की पुरवाई तो क्या होगा
पुरानी चोट कोई फिर उभर आई तो क्या होगा,
मुहब्बत ख़ुद ही बन बैठी तमाशाई तो क्या होगा
न हम होंगे, न तुम होंगे, न तनहाई तो क्या होगा,
मुहब्बत की झुलसती धूप और काँटों भरे रस्ते
तुम्हारी याद नंगे पाँव गर आई तो क्या होगा,
ऐ मेरे दिल तू उनके पास जाता है तो जा, लेकिन
तबीअत उनसे मिलकर और घबराई तो क्या होगा,
लबों पर हमने नक़ली मुस्कराहट ओढ़ तो ली है
किसी ने पढ़ ली चेह्रे से जो सच्चाई तो क्या होगा,
सुना तो दूँ मुहब्बत की कहानी मैं तुम्हें लेकिन
तुम्हारी आँख भी ऐ दोस्त भर आई तो क्या होगा,
ख़ुदा के वास्ते अब तो परखना छोड़ दे मुझको
अगर कर दी किसी ने तेरी भरपाई तो क्या होगा..