ਰੱਬ ਨੇਂ ਅੱਜ ਫੇਰ ਪੁੱਛ ਲਿਆ ਕਿ ਤੇਰਾ ਚਿਹਰਾ ਉਦਾਸ ਕਿਉਂ ਹੈ,
ਜਿਸ ਕੋਲ ਤੇਰੇ ਲਈ Time ਨਹੀਂ ਉਹ ਤੇਰੇ ਲਈ ਖਾਸ ਕਿਉਂ ਹੈ?
rabb ne ajj fer puchh lyaa ke tera chehra udaas kyu hai
jis kol tere lai time nahi oh tere lai khaas kyu hai?
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे तेरी मर्जी के मुताबिक नज़र आयें कैसे घर सजाने का तसव्वुर तो बहुत बाद का है पहले ये तय हो की इस घर को बचाएं कैसे क़हक़हा आँख का बर्ताव बदल देता है हंसने वाले तुझे आंसू नज़र आयें कैसे कोई अपनी ही नज़र से तो हमें देखेगा एक कतरे को समंदर नज़र आयें कैसे लाख तलवरे झुकी अती हो गरदन की तरफ सर झुकाना नहीं आता तो झुकाएं कैसे