
dil te kande banke digge
chann na reha mera hun
jajjbaat gaye
kadmaa ch midhe

यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
उठता है तूफान सीने में जब
जहन में सवाल इक आता है
जब जाना ही है दूर तो
क्यों करीब कोई आता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
जिसे देखना भी नही मुनासिब
आंखे बंद कर करीब उसी को पता है
ढूंढ ले खामियां उसकी हजार पर
दिल तो आज भी बेहतर उसी को बताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
सपने देखता है नई दुनिया बसाने के तू
नींद तेरी आज भी वही चुराता है
बेख्याल होने का करले तमसील भले
मिलने का ख्याल तो आज भी सताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
Teri khushi ton wadha, saadhe lai sukh koi naa
milda rahe pyaar tera, hor bhukh koi naa
ਤੇਰੀ ਖੁਸ਼ੀ ਤੋਂ ਵੱਡਾ, ਸਾਡੇ ਲਈ ਸੁੱਖ ਕੋਈ ਨਾ💞💞
ਮਿਲਦਾ ਰਹੇ ਪਿਆਰ ਤੇਰਾ, ਹੋਰ ਭੁੱਖ ਕੋਈ ਨਾ