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DIL DI BAARI | CHAHAT PUNJABI SHAYARI

love shayari, chaht punjabi shayari

man da nahi dil mera tainu chanda e bada
tu dil di baari khol k tan vekh
munda ajhe v othe da othe khada

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Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Drunker || Hindi Poetry on LIFE

पिते भी हो पिलाते भी हो शराब हीं तो है
कोई अमृत तो नहीं जो पैसा लुटाते हो,,
ग़म तो भुल ही जाते थकान मिट जाने से
अच्छी नींद भी आती होगी भुलाने से,,
अच्छा करते हो तनावमुक्त होके सो जाते
या भटकते लड़खड़ाते कहीं चले जाते,,
तुम्हारे जैसे जितने भी होंगे ख़ुश बहुत होंगे
वाह क्या बात है मैं तो सिर्फ़ अमृत पिता,,
घंटो लाइन में लगते मेहनत करते तब जाके
कहीं नंबर आता ख़रीद के खुश हो जाते,,
मेहनत की कमाई का थोड़ा हिस्सा हीं तो है
बदले में अनगिनत खुशियाँ ख़ुश हो पाते,,
फ़ायदा तो हुआ अबतक नुकसान भी होता
नशे में चूर अपने रिश्ते नाते भुला जाते,,
कभी तो ऐसा होता अपनों को हीं बेच जाते
माँ,बाप,बहन,भाई,बीवी,बच्चो को रुलाते,,
या फ़िर खुशियों के जाने से ग़म को आने से
शराब को अमृत समझ पीते और पिलाते,,
पैसा ना होने से ऐसे लोगो के संपर्क में आते
जो भरस्टाचार अत्याचार से पैसा कमाते,,
नशा कर हत्या,लूट,अपहरण,चोरी,बलात्कार
जैसे अपराध को अंजाम या साथ दे जाते,,
अच्छा करते समाज में भरस्टाचार अत्याचार
करवाते ख़ुद भी करते पैसा कमाते लुटाते,,
आने वाले पीढ़ी के भविष्य को भी खत्म कर
मुस्कुराते अफ़सोस करते पीते और पिलाते,,
सरकार भी ना जाने कैसे बनवाते वोट दे जाते
ख़ुद भी अत्याचार करते और सबसे करवाते,,
..Priyanka Bhardwaj

Title: Drunker || Hindi Poetry on LIFE


सफर और मंजिल || chaal abhi dheemi hai

चाल अभी धीमी है,

पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।

हालात अभी उलझे हैं,

पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।

हौसलों की कमी नहीं,

क़्त भले ना हो ज्यादा।

शह मात की खेल है जिंदगी,

मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।

पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,

रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।

गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,

आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।

लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,

अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।

डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,

धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।

                           तरुण चौधरी     

Title: सफर और मंजिल || chaal abhi dheemi hai