ajeeb halat ho gai e is dil di
na tu ehda hoyea
te na eh tera hoyea
ਅਜ਼ੀਬ ਹਾਲਤ ਹੋ ਗਈ ਏ ਦਿਲ ਦੀ
ਨਾ ਤੂੰ ਇਹਦਾ ਹੋਇਆ
ਤੇ ਨਾ ਇਹ ਮੇਰਾ ਹੋਇਆ
ajeeb halat ho gai e is dil di
na tu ehda hoyea
te na eh tera hoyea
ਅਜ਼ੀਬ ਹਾਲਤ ਹੋ ਗਈ ਏ ਦਿਲ ਦੀ
ਨਾ ਤੂੰ ਇਹਦਾ ਹੋਇਆ
ਤੇ ਨਾ ਇਹ ਮੇਰਾ ਹੋਇਆ
Tenu sochde hi din shuru hunda e mera
Tenu sochde hi raat hun hon laggi e..!!
Mera dil nahio lagda bin tere sajjna
Doori pyar ch menu eh staun laggi e..!!
ਤੈਨੂੰ ਸੋਚਦੇ ਹੀ ਦਿਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦਾ ਏ ਮੇਰਾ
ਤੈਨੂੰ ਸੋਚਦੇ ਹੀ ਰਾਤ ਹੁਣ ਹੋਣ ਲੱਗੀ ਏ..!!
ਮੇਰਾ ਦਿਲ ਨਹੀਂਓ ਲਗਦਾ ਬਿਨ ਤੇਰੇ ਸੱਜਣਾ
ਦੂਰੀ ਪਿਆਰ ‘ਚ ਮੈਨੂੰ ਇਹ ਸਤਾਉਣ ਲੱਗੀ ਏ..!!
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
……………………………………………
अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
………………………………………….
जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
…………………………………….
जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
………………………………………
रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
……………………………………..
बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
………………………………………..
मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
……………………………………..
जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।