Dil ka dard shupaye baithe hai
ham unke saamne muskuraye baithe hai
दिल का दर्द छुपाए बैठे है,
हम उनके सामने मुस्कुराये बैठे है।
Enjoy Every Movement of life!
Dil ka dard shupaye baithe hai
ham unke saamne muskuraye baithe hai
दिल का दर्द छुपाए बैठे है,
हम उनके सामने मुस्कुराये बैठे है।
उठे थे हाथ जिनके,
उन्ही दुआओं का असर हूं,
चिराग़ सी हैं नज़रें मेरी
जैसे सुबह की पहली पहर हूं
धूल से ही तो नाता है मेरा
वहीं ठंडी हवाओं में बसर हूं
कलम से शायर कह दो
होंठों से कहर हूं,
ठहरा है दरिया जो किनारे में
वहीं बहता छोटा सा शहर हूं,
मानों तो प्यास मिले
ना मानों तो ज़हर हूं...
Maana Ki Tum Lafzon Ke Baadshah Ho Lekin,
Hum Bhi Khamoshiyon Par Raaj Karte Hain!