Udaas hoye dil nu
Ohdi yaad ch roye dil nu
Koi Ki te kive smjhawe..!!
ਉਦਾਸ ਹੋਏ ਦਿਲ ਨੂੰ
ਓਹਦੀ ਯਾਦ ‘ਚ ਰੋਏ ਦਿਲ ਨੂੰ
ਕੋਈ ਕੀ ਤੇ ਕਿਵੇਂ ਸਮਝਾਵੇ..!!
Udaas hoye dil nu
Ohdi yaad ch roye dil nu
Koi Ki te kive smjhawe..!!
ਉਦਾਸ ਹੋਏ ਦਿਲ ਨੂੰ
ਓਹਦੀ ਯਾਦ ‘ਚ ਰੋਏ ਦਿਲ ਨੂੰ
ਕੋਈ ਕੀ ਤੇ ਕਿਵੇਂ ਸਮਝਾਵੇ..!!
नज़रें उठा कर देखने वालों का क़त्ल कर, वो एक फूल रख जाते हैं,
कयामत हैं अदाएं और जाते वक्त, अपना गुनाह कबूल कर जाते हैं,
वाकिफ है ज़माना उसके क़त्ल ए आम के हुनर से, लेकिन,
अक्सर आशिक नज़रें उठा कर उसके सामने, वही भूल कर आते है...
वो उनका कत्ल कर बस एक फूल रख जाते हैं....
माना तुम्हे हर बार देखता हूं,
हर बार पहली बार देखता हूं,
देखता हूं तुम्हे जब जुल्फें संवरती हो तुम,
उन जुल्फों को आइना बनके हर बार देखता हूं,
आंखो में रातें और सुर्खी में ग़ुलाब जैसे,
मेरे हाथ खाली जाम तुम्हारे होंठो में शराब जैसे,
जैसे हर बार तुम्हारा वो ख़्वाब देखता हूं,
तुम्हारे हाथों में मेरा दिया वो ग़ुलाब देखता हूं,
वक्त हो तो आना कभी इक हसरत बाकी है,
तुम्हे हर बार की तरह पहली बार देखना बाकी है...