
Kade ikalla beh muskawe..!!
Dil nu lagge marz pyar de
Dass kon samjhawe..!!

किसी को रफ्ता-रफ्ता चाहा था , अब किश्तों में मरते हैं ।
कैसे कहें अपना हाल-ए-दिल , क्या बताएँ कि हम मोहब्बत करते हैं ।।
ईश्क की सौदेबाजी में , नीलाम हो गई चाहते मेरी ।
नफा-नुकसान के फासलों में , उम्मीद की गुंजाइश ढूँढा करते हैं ।।
ख्वाबों के शहर में , चाहत का एक ख्याल आया ।
कई जवाबों के बाद , संगीन एक सवाल आया ।।
रूखसत किया जिसे , जिसकी पसंद से हमने ।
वो जो शख्स था , मेरी कई इबादतों के बाद आया ।।❤️🍂
1) भारत में शिक्षकों के सम्मान में 1962 से प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
2) यह दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाते हैं।
3) वह भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दुसरे राष्ट्रपति थें।
4) महान शिक्षक के रूप में इनके योगदान के लिए इन्हें 1954 में भारत रत्न प्राप्त हुआ।
5) प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में शिक्षक का महत्ववपूर्ण योगदान रहता है।
6) एक छात्र को उसके जीवन की सही दिशा तय करने का मार्ग शिक्षक ही दिखाता है।
7) इस दिन छात्र अपने गुरुओं के सम्मान में उन्हें उपहार देते हैं।
8) स्कूल, कॉलेज में छात्र मिलकर शिक्षकों के लिए कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
9) यह समारोह शिक्षकों के समर्पण और उपलब्धियों का प्रतीक है।
10) विश्व भर मे 100 से ज्यादा देश अपने तय तारीख पर शिक्षक दिवस मनाते हैं।