Skip to content

Dil othe dayiye || Punjabi shayari || true line shayari

Bekadar aise de ladh na laggiye
Jihde dil da kothra pleet howe..!!
“Roop” dil dayiye taa othe dayiye
Jithe pyar nibhawan di reet howe..!!

ਬੇਕਦਰ ਐਸੇ ਦੇ ਲੜ੍ਹ ਨਾ ਲੱਗੀਏ
ਜਿਹਦੇ ਦਿਲ ਦਾ ਕੋਠੜਾ ਪਲੀਤ ਹੋਵੇ..!!
“ਰੂਪ” ਦਿਲ ਦਈਏ ਤਾਂ ਉੱਥੇ ਦਈਏ
ਜਿੱਥੇ ਪਿਆਰ ਨਿਭਾਵਣ ਦੀ ਰੀਤ ਹੋਵੇ..!!

Title: Dil othe dayiye || Punjabi shayari || true line shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Baat Krte Hain ZindAgi || ZIndagi Hindi Poetry

Chl fir baat krte h zindgi,
Subh se raat krte h zindgi,
Ye musibaten bhut h rahho m, chl in musibaton se do do haath krte h zindgi,

Chl fir baat krte hai zindgi…

K zubaan thak jaye toh ankhon se bolna,
K rolna b hoga fr tabiyat se rolna,
K yun bhi toh roz hi mrte h zindgi,

Chl fir baat krte hai zindgi…

Are bure vese hum b bhut h, kyi hum mein b khot hai,
K zakham na bharte aesi ye dil ki chot hai,
Yun tadaf k marne se hi bss darte hai zindgi,

Chl fir baat krte hai zindgi, subh se raat krte hai zindgi….

Title: Baat Krte Hain ZindAgi || ZIndagi Hindi Poetry


AADMI EK || akbar birbal kahani hindi

एक बार अकबर और बीरबल बागीचे में बैठे थे। अचानक अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या तुम किसी ऐसे इन्सान को खोज सकते हो जिसमें अलग-अलग बोली बोलने की खूबी हों?

बीरबल ने कहा, क्यों नहीं, मै एक आदमी जानता हूँ जो तोते की बोली बोलता है, शेर की बोली बोलता है, और गधे की बोली भी बोलता है। अकबर इस बात को सुन कर हैरत में पड़ गए। उन्होने बीरबल को कहा किअगले दिन उस आदमी को पेश किया जाये।

बीरबल उस आदमी को अगले दिन सुबह दरबार में ले गए। और उसे एक छोटी बोतल शराब पीला दी। अब हल्के नशे की हालत में शराबी अकबर बादशाह के आगे खड़ा था। वह जानता था की दारू पी कर आया जान कर बादशाह सज़ा देगा। इस लिए वह गिड़गिड़ाने लगा। और बादशाह की खुशामत करने लगा। तब बीरबल बोले की हुज़ूर, यह जो सज़ा के डर से बोल रहा है वह तोते की भाषा है।

उसके बाद बीरबल ने वहीं, उस आदमी को एक और शराब की बोतल पिला दी। अब वह आदमी पूरी तरह नशे में था। वह अकबर बादशाह के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया। उसने कहा कि आप नगर के बादशाह हैं तो क्या हुआ। में भी अपने घर का बादशाह हूँ। मै यहाँ किसी से नहीं डरता हूँ।

बीरबल बोले कि हुज़ूर, अब शराब के नशे में निडर होकर यह जो बोल रहा है यह शेर की भाषा है।

अब फिर से बीरबल ने उस आदमी का मुह पकड़ कर एक और बोतल उसके गले से उतार दी। इस बार वह आदमी लड़खड़ाते गिरते पड़ते हुए ज़मीन पर लेट गया और हाथ पाँव हवा में भांजते हुए, मुंह से उल-जूलूल आवाज़ें निकालने लगा। अब बीरबल बोले कि हुज़ूर अब यह जो बोल रहा है वह गधे की भाषा है।

अकबर एक बार फिर बीरबल की हाज़िर जवाबी से प्रसन्न हुए, और यह मनोरंजक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होने बीरबल को इनाम दिया।

Title: AADMI EK || akbar birbal kahani hindi